महासमुंद में एनालॉग पनीर पर कसा शिकंजा, कारोबारियों को सख्त चेतावनी
खाद्य विभाग की बैठक में निर्माण, भंडारण, परिवहन, बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध की दी जानकारी, जल्द चलेगा विशेष जांच अभियान
महासमुंद। जिले में खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने एनालॉग पनीर तथा अन्य प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जिले के होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई निर्माता, डेयरी संचालकों, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं तथा वितरकों की बैठक आयोजित कर राज्य शासन के निर्देशों से अवगत कराया गया।
बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्य शासन द्वारा एनालॉग पनीर एवं अन्य प्रतिबंधित एनालॉग उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, विक्रय तथा खाद्य पदार्थों में उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। सभी खाद्य कारोबारियों को तत्काल प्रभाव से ऐसे उत्पादों का उपयोग एवं व्यापार पूरी तरह बंद करने तथा केवल मानक अनुरूप एवं विधिसम्मत खाद्य पदार्थों का ही उपयोग और विक्रय करने के निर्देश दिए गए।
खाद्य विभाग ने कारोबारियों को यह भी निर्देशित किया कि खाद्य सामग्री केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खरीदी जाए। प्रत्येक खरीद का बिल, टैक्स इनवॉइस तथा स्टॉक का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए, ताकि निरीक्षण के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकें। होटल, रेस्टोरेंट एवं मिठाई प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जा रहे पनीर के स्रोत का पूरा रिकॉर्ड संधारित करने तथा किसी भी संदिग्ध या प्रतिबंधित उत्पाद का भंडारण या विक्रय नहीं करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के दौरान सभी खाद्य कारोबारियों से शासन के प्रतिबंध का पालन करने संबंधी स्वघोषणा-पत्र भी प्राप्त किया गया।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि आने वाले दिनों में जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई प्रतिष्ठान, डेयरियां, कोल्ड स्टोरेज, थोक विक्रेताओं एवं अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का जोखिम आधारित निरीक्षण किया जाएगा। आवश्यक होने पर खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण कराया जाएगा। जांच के दौरान यदि कहीं प्रतिबंधित एनालॉग उत्पाद पाए गए तो संबंधित कारोबारियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अभिहित अधिकारी उमेश वर्मा ने सभी खाद्य कारोबारियों से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शासन के निर्देशों का पूर्ण पालन करने की अपील की। उन्होंने आम नागरिकों से भी आग्रह किया कि यदि कहीं प्रतिबंधित एनालॉग उत्पादों के निर्माण, विक्रय अथवा उपयोग की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।
