स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को मिल रहा संपत्ति का अधिकार
– राजनांदगांव जिले के 495 ग्रामों में अंतिम प्रकाशन पूर्ण
– लगभग 54 हजार 673 अधिकार अभिलेख किए गए तैयार
– एक वर्ष में 13 ग्रामों से बढ़कर 495 ग्रामों तक पहुंचा अंतिम प्रकाशन का कार्य
राजनांदगांव 07 अक्टूबर 2026। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में निवासरत परिवारों को उनकी संपत्ति का विधिवत अधिकार प्रदान करने की दिशा में स्वामित्व योजना राजनांदगांव जिले में तेजी से आगे बढ़ रही है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप जिले में अधिकार अभिलेख तैयार करने और अंतिम प्रकाशन के कार्य में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। जिले के कुल 643 ग्रामों में से अब तक 495 ग्रामों का अंतिम प्रकाशन पूर्ण किया जा चुका है। इन ग्रामों में लगभग 54 हजार 673 अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं।
स्वामित्व योजना की प्रगति पर नजर डालें तो जिले में बीते एक वर्ष के दौरान कार्य में बड़ी उपलब्धि दर्ज की गई है। 1 अक्टूबर 2025 की स्थिति में जिले के केवल 13 ग्रामों का अंतिम प्रकाशन पूर्ण हुआ था तथा इन ग्रामों के अधिकार अभिलेख तैयार किए गए थे। वहीं वर्तमान स्थिति में अंतिम प्रकाशन पूर्ण ग्रामों की संख्या बढ़कर 495 हो गई है। इस प्रकार एक वर्ष की अवधि में 482 अतिरिक्त ग्रामों में अंतिम प्रकाशन का कार्य पूर्ण किया गया है। स्वामित्व योजना ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति संबंधी अभिलेखों को व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। योजना के माध्यम से ग्रामीण आबादी क्षेत्र में संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार होने से संपत्ति के स्वामित्व को दस्तावेजी आधार मिलता है। अधिकार अभिलेख तैयार होने से ग्रामीणों के संपत्ति संबंधी दस्तावेज अधिक व्यवस्थित और प्रमाणिक होते हैं तथा संपत्ति से जुड़े विभिन्न कार्यों में सुविधा मिलती है।
जिले में कुल 643 ग्रामों में से 495 ग्रामों का अंतिम प्रकाशन पूरा होना योजना के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। शेष ग्रामों में भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन द्वारा स्वामित्व योजना के कार्यों की सतत निगरानी करते हुए अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
