बिहान योजना से रीमा की बदली राह, कपड़ा-मनिहारी दुकान से बढ़ी आमदनी
’अब अपनी दुकान से हो रही आमदनी, परिवार की जरूरतें पूरी करने में मिल रही मदद” – रीमा यादव
कोरबा 07 अक्टूबर 2026/ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और अपने पैरों पर खड़े होने के अवसर देने में बिहान योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। स्व सहायता समूहों के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता और बैंक ऋण ने महिलाओं के लिए स्वरोजगार की नई राह खोली है। कोरबा विकासखंड के ग्राम बरबसपुर की श्रीमती रीमा यादव की कहानी भी इसी बदलाव से जुड़ी है।
श्रीमती रीमा यादव बिहान योजना के अंतर्गत राधा स्व सहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं। समूह से जुड़ने से पहले उनके लिए नियमित आय का कोई निश्चित साधन नहीं था। परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए घरेलू संसाधनों पर निर्भरता बनी रहती थी। स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें समूह की गतिविधियों के साथ आर्थिक अवसरों की जानकारी मिली और आगे बढ़ने का भरोसा मिला।
राधा स्व सहायता समूह को 3 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इसी राशि में से 50 हजार रुपये का उपयोग कर रीमा यादव ने कपड़ा एवं मनिहारी की दुकान शुरू की। दुकान के माध्यम से वे नियमित रूप से आजीविका अर्जित कर रही हैं। ग्राहकों की जरूरत के अनुसार कपड़े और मनिहारी सामग्री उपलब्ध कराने से उनकी आमदनी का साधन तैयार हुआ है।
दुकान शुरू होने के बाद रीमा की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है। अपनी मेहनत से अर्जित आय का उपयोग वे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में कर रही हैं। घरेलू जरूरतों के साथ बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी खर्चों में भी उनकी आय सहयोग दे रही है। अपने काम से जुड़ी जिम्मेदारियों को संभालते हुए रीमा को आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर मिला है।
रीमा यादव कहती हैं, “बिहान योजना से स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद मुझे आगे बढ़ने का अवसर मिला। समूह को मिले ऋण से मैंने 50 हजार रुपये लगाकर कपड़ा और मनिहारी की दुकान शुरू की। अब दुकान से आमदनी हो रही है और अपनी कमाई से परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सहयोग कर पा रही हूं। शासन की योजना और समूह से मिले सहयोग ने मेरे लिए रोजगार का नया रास्ता तैयार किया है।”
