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कोण्डागांव जिले में अब तक बने साढ़े 17 हजार से ज्यादा जाति प्रमाण पत्र

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अब जाति प्रमाण पत्र होगा स्थायी अभिलेख
छात्र-छात्राओं को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ जाति प्रमाण पत्र प्रदाय करने के निर्देश
कोण्डागांव। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप जिले में जाति प्रमाण पत्र प्रदाय हेतु समयबद्ध अभियान चलाने के फलस्वरूप बीते 4 वर्षों में साढ़े 17 हजार से अधिक जाति प्रमाण पत्र प्रदाय किये जा चुके हैं। इस दिशा में अब तक अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के 14213 आवेदकों सहित अन्य पिछड़ा वर्ग के 3305 आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र प्रदाय किया जा चुका है। जिसके तहत कोण्डागांव अनुविभाग में कुल 6955, केशकाल में 6820 तथा फरसगांव अनुविभाग में कुल 3743 जाति प्रमाण पत्र प्रदाय किये गये हैं। राज्य सरकार के निर्णयानुसार अब सामाजिक प्रस्थिति प्रमाण पत्र यथा जाति प्रमाण पत्र स्थायी अभिलेख होगा, जो प्रतिवर्ष की बजाय एक ही बार जारी किये जायेंगे।
कलेक्टर श्री दीपक सोनी के निर्देशानुसार जिले में जाति प्रमाण पत्र प्रदाय के लिए समयबद्ध अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत छात्र-छात्राओं के आवेदन पत्र सम्बन्धित स्कूलों में प्रतिपूरित करने सहित समस्त आवश्यक दस्तावेजों के साथ तहसील कार्यालयों में जमा किये जा रहे हैं। इसके पश्चात सम्बन्धित छात्र-छात्राओं को स्थायी जाति प्रमाण पत्र प्रदाय करने के लिए ऑनलाईन प्रक्रिया पूरी की जाती है। उक्त प्रक्रिया के लिए स्कूल शिक्षा और राजस्व विभाग के मैदानी अधिकारी-कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गयी है। वहीं जाति प्रमाण पत्र प्रदाय स्थिति में अद्यतन प्रगति लाने के लिए नियमित तौर पर मॉनिटरिंग की जा रही है। इस ओर अन्य राजस्व प्रकरणों की तरह जाति प्रमाण पत्र संबंधी आवेदन पत्रों को भी ई-कोर्ट में ऑनलाईन दर्ज कर नियत समयावधि में निराकृत किया जा रहा है। जिसके फलस्वरूप जाति प्रमाण पत्र प्रदाय में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार द्वारा छात्र-छात्राओं के हित में लिये गये निर्णयानुसार अब उन्हे प्रतिवर्ष की बजाय जाति प्रमाण पत्र एक ही बार जारी किये जायेंगे। छात्र-छा़त्राओं को प्रदत्त जाति प्रमाण पत्र स्थायी अभिलेख की तरह होंगे। इस बारे में जारी परिपत्र में निर्देश दिये गये हैं कि स्थायी सामाजिक प्रस्थिति प्रमाण पत्र तथा जाति प्रमाण पत्र की मान्यता समय के द्वारा सीमित नहीं होगी अर्थात यह कालातीत नहीं होगा। यह सदैव के लिए स्थायी अभिलेख है। बार-बार जाति प्रमाण पत्र जारी किये जाने की आवश्यकता नहीं है, जाति प्रमाण पत्र गुम होने की स्थिति में प्राधिकृत अधिकारी द्वारा इसका डुप्लीकेट भी जारी किया जा सकेगा। प्रदेश के समस्त शासकीय, निजी तथा केन्द्रीय बोर्ड की स्कूलों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक अध्ययनरत् अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के अध्ययनरत रहने के दौरान ही स्थायी जाति प्रमाण पत्र तैयार कर सम्बन्धित स्कूलों में उन्हे वितरित किये जाने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिए गए हैं।

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