अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई
दो दिनों में 10 ट्रैक्टर और 05 हाईवा वाहन जप्त, खनिज अधिनियम के तहत अर्थदण्ड की कार्रवाई
धमतरी, 7 अक्टूबर 2026। जिले में खनिज संपदा के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार सघन कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देशानुसार खनिज विभाग के अमले द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में जांच अभियान चलाकर बिना वैध अनुमति रेत परिवहन एवं उत्खनन में संलिप्त वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में 6 अक्टूबर 2026 को ग्राम अछोटा, मुड़पार, अमेठी, कलारतराई एवं दोनर में जांच के दौरान 06 ट्रैक्टर एवं 01 हाईवा वाहन जप्त किया गया। वहीं 7 अक्टूबर को ग्राम अमेठी, सौंगा एवं रूद्री क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 04 ट्रैक्टर एवं 04 हाईवा वाहन जप्त किए गए। जप्त किए गए वाहनों को सुरक्षार्थ कलेक्ट्रेट कम्पोजिट बिल्डिंग परिसर में रखा गया है।
इस प्रकार दो दिनों में कुल 10 ट्रैक्टर एवं 05 हाईवा वाहन जप्त किए गए हैं। संबंधित प्रकरणों में खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत नियमानुसार अर्थदण्ड वसूली की कार्रवाई की जा रही है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि जिले में खनिज संपदा के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण को किसी भी स्थिति में प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा। प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने खनिज कारोबार से जुड़े लोगों से अपील की है कि वे सभी गतिविधियां वैध अनुमति एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप ही करें।
जिला प्रशासन द्वारा रेत घाटों, प्रमुख परिवहन मार्गों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है। खनिज परिवहन में लगे वाहनों के आवश्यक दस्तावेजों एवं वैध अनुमति की जांच की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध अनुमति रेत का उत्खनन, परिवहन अथवा भंडारण करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
जिला प्रशासन ने नागरिकों एवं खनिज कारोबार से जुड़े व्यक्तियों से अपील की है कि वे शासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करें और बिना वैध अनुमति खनिज गतिविधियों में संलिप्त न हों। अवैध खनिज गतिविधियों की रोकथाम से जहां शासन के राजस्व की सुरक्षा होगी, वहीं जिले के प्राकृतिक संसाधनों एवं पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।
