15 अक्टूबर को प्रतियोगिता का अंतिम तिथि

बीजापुर 07 अक्टूबर 2026- वन्यजीव सप्ताह 2026 के उपलक्ष्य में इन्द्रावती टायगर रिजर्व का पहचान चिन्ह ( Logo ) तैयार करने हेतु 02 अक्टूबर 2026 से 15 अक्टूबर 2026 तक प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें भारत के सभी नागरिक भी उक्त प्रतियोगिता में सम्मिलित हो सकते हैं। पहचान चिन्ह ¼Logo½ तैयार करने हेतु क्षेत्र में पाये जाने वाले वन्यजीव एवं क्षेत्र की पहचान प्रदर्शित करता हुआ पहचान चित्र तैयार किया जाना है,
लोगो ( Logo ) डिजाइन की मुख्य विशेषताएं एवं दिशा-निर्देशः- मुख्य प्रतीक ( Themes )- लोगो में स्थानीय वन्यजीव जैसे:- बाघ, वन भैंसा एवं उदबिलाव को प्रमुखता से शामिल किया जाना आवश्यक है।
नाम एवं पहचानः- लोगो में इंद्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर, छत्तीसगढ, का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। (नोटः- लोगो में राजमुद्रा/अशोक स्तंभ का उपयोग न करें)
डिजाइन शैली ( Design Style ) डिजाइन अत्यधिक जटिल (Complicated) नहीं होना चाहिए। इसमें अत्यधिक अनावश्यक विवरण ( Excessive details ) न हों। डिजाइन ऐसा होना चाहिए जो हर पोर्शन और साइज/डायमेंशन में स्पष्ट एवं आकर्षक दिखे।
यदि AI के माध्यम से लोगो बनाया गया है तो AI Generated ऐसा स्पष्ट उल्लेख करें तथा जीस AI tool/website का उपयोग किया गया है, का स्पष्ट उल्लेख करें।
फाइल फॉर्मेट एवं सबमिशनः- प्रतिभागियों को लोगो की HD सॉफ्ट कॉपी के साथ-साथ प्रपोर्शन रेशियो ( Proportion ratio ) या लंबाई एवं चौडाई दर्शाने वाली फाइल भी जमा करनी होगी। लोगो बनाने के लिए संलग्न इन्द्रावती टायगर रिजर्व का संक्षिप्त विवरण का संदर्भ ले सकते है।
तिथि, पुरस्कार एवं संपर्क जानकारी- प्रविष्टि जमा करने की अंतिम तिथि दिनांक 15 अक्टूबर 2026 है। वहीं उत्कृष्ट एवं चयनित लोगो डिजाइन को प्रबंधन द्वारा पुरूस्कार से सम्मानित किया जाएगा। आवेदन की प्रक्रिया-प्रतिभागी अपना डिजाइन अपने सम्पूर्ण विवरण नाम, पता, मोबाईल नम्बर, ई-मेल, उम्र एवं व्यवसाय के साथ अधिकारिक ईमेल dyditrbijapur@yahoo.in@gmail- dyditrbijapur@gmail.com पर जमा कर सकते हैं।
इंद्रावती टायगर रिजर्व, बीजापुर का संक्षित विवरण
इंद्रावती टायगर रिजर्व छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में स्थित है। इसका नाम इंद्रावती नदी के नाम पर रखा गया है। इन्द्रावती टायगर रिजर्व, बीजापुर के अन्तर्गत पामेड़ अभ्यारण्य एवं भैरमगढ़ अभ्यारण्य स्थित है। इन्द्रावती टायगर रिजर्व, बीजापुर के अन्तर्गत कोर-बफर क्षेत्र स्थित है। इन्द्रावती टायगर रिजर्व, बीजापुर के अन्तर्गत महाराष्ट्र/तेंलगाना सीमावर्ती क्षेत्र है। इन्द्रावती टायगर रिजर्व, बीजापुर में वन्यप्राणी बाघ, तेन्दुआ, वनभैंसा, गिद्ध, ऊदबिलाव, चीतल, सांभर, गौर, भालू, जंगली सूअर इत्यादि वन्यप्राणी पाये जाते हैं। यह छत्तीसगढ़ के प्रमुख वन्यजीव अभयारण्यों में से एक है। यहाँ घने जंगल और हरियाली देखने को मिलती है। इंद्रावती नदी इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ाती है। यह रिजर्व अनेक प्रकार के पक्षियों और अन्य जीवों का घर है। वन्यजीवों के संरक्षण में इस टायगर रिजर्व का महत्वपूर्ण योगदान है।
इंद्रावती टायगर रिजर्व प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए महत्वपूर्ण स्थान है। यहाँ का वन क्षेत्र अनेक पक्षियों और छोटे जीवों का भी आवास है। घने जंगल इस क्षेत्र को वन्यजीवों के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान करते हैं। रिजर्व में प्रकृति और वन्यजीवों का सुंदर संतुलन देखने को मिलता है। यह क्षेत्र पर्यावरण संरक्षण और जैव-विविधता के अध्ययन के लिए उपयोगी है। इन्द्रावती टायगर रिजर्व छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके संरक्षण से आने वाली पीढ़ियों के लिए वन और वन्यजीव सुरक्षित रहेंगे।