मादा नीलगाय का अवैध शिकार, गले पर धारदार हथियार के निशान
पैर काटे गए; डॉग स्क्वाड व पशु चिकित्सकों की जांच में शिकार की पुष्टि
महासमुंद। वन परिक्षेत्र पिथौरा अंतर्गत परिवृत्त पूर्व पिथौरा के सुखीपाली स्थित शांतिनगर में कक्ष क्रमांक 234 के समीप एक मादा नीलगाय मृत अवस्था में मिलने से सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मुखबिर के माध्यम से वन विभाग को मिली, जिसके बाद 4 मई की सुबह लगभग 8:30 बजे विभागीय टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में नीलगाय के अवैध शिकार की आशंका जताई गई है।
वनमंडलाधिकारी मयंक पाण्डेय के निर्देशानुसार की गई कार्रवाई में डॉग स्क्वाड (जंगल सफारी रायपुर) तथा पशु चिकित्सक सांकरा की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि नीलगाय के दो पैर काटकर अलग कर दिए गए थे और गले पर धारदार हथियार से हमले के स्पष्ट निशान मौजूद थे। पशु चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच में धारदार हथियार से हमले को ही मौत का कारण बताया है।
मामले में वन विभाग ने ग्राम शांतिनगर, सुखीपाली निवासी जोहित वल्द दुर्लभ दास (30 वर्ष) एवं सुरेन्द्र वल्द उदयराम (32 वर्ष) से पूछताछ शुरू की है। जांच के दौरान छह अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आई है, जिनकी तलाश जारी है।
वन विभाग ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 51, 52 सहपठित धारा 2(16), 39(3)(अ) एवं 39(3)(स) के तहत पी.ओ.आर. दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
पशु चिकित्सक दल द्वारा नीलगाय के शव का पोस्टमार्टम करने के बाद नियमानुसार अंतिम दाह संस्कार किया गया। मौके पर संयुक्त वनमंडलाधिकारी पिथौरा सुश्री डिंपी बैस, परिक्षेत्र अधिकारी सुखराम निराला, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सरपंच एवं पत्रकार उपस्थित रहे।
