सुशासन तिहार शिविर में सृष्टि चंद्राकर ने उठाए जनसमस्याओं के मुद्दे
महतारी वंदन योजना में ई-केवायसी शुल्क वसूली, जी-राम-जी योजना में देरी और विद्युत व्यवस्था सुधार की मांग
महासमुंद। जिला पंचायत सदस्य सृष्टि चंद्राकर ने ग्राम अछोला में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं, मांगों एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन सौंपते हुए उनके तत्काल निराकरण की मांग की। उन्होंने शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही परेशानियों और क्षेत्रीय अव्यवस्थाओं को प्रमुखता से उठाया।
सुशासन तिहार के दौरान सृष्टि चंद्राकर ने महतारी वंदन योजना के अंतर्गत कराई जा रही ई-केवायसी प्रक्रिया को महिलाओं के लिए परेशानी का कारण बताया। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों की सुविधा के लिए महतारी वंदन योजना का अलग एप तैयार किया जाना चाहिए, जिसमें ई-केवायसी अपडेट, भुगतान तिथि एवं योजना संबंधी अन्य जानकारी उपलब्ध हो सके।
उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक में आधार लिंक होने के बाद ही शासन द्वारा डीबीटी के माध्यम से महिलाओं के खाते में राशि भेजी जा रही है। जबकि यह प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क है, इसके बावजूद हितग्राहियों से 50 से 100 रुपए तक वसूले जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण महिलाएं परेशान हो रही हैं।
सृष्टि चंद्राकर ने जी-राम-जी योजना के कार्यों में लगभग छह माह की देरी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवारों को 125 दिवस के रोजगार से वंचित किया जा रहा है। योजना लागू होने के बाद भी महासमुंद जिले में अब तक एक भी कार्य प्रारंभ नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।
उन्होंने अछोली मल्टी विलेज स्कीम में भारी अनियमितता एवं निर्माण कार्य में ढाई वर्ष की देरी का मुद्दा भी उठाया। इस संबंध में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर जांच एवं शीघ्र कार्य पूर्ण कराने की मांग की।
इसके अलावा उन्होंने भोरिंग-अछोली एवं आसपास के मार्गों की मरम्मत, बरसात पूर्व विद्युत व्यवस्था में सुधार, जर्जर विद्युत पोलों की मरम्मत, अतिरिक्त ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने तथा उपभोक्ता शिकायत व्यवस्था को सुचारू करने की मांग भी प्रशासन के समक्ष रखी।
