महतारी वंदन योजना में ई-केवायसी के नाम पर वसूली, 4 सीएससी संचालकों की आईडी ब्लॉक
कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच, योजना की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क
महासमुंद। महतारी वंदन योजना के तहत महिला हितग्राहियों के ई-केवायसी कार्य में शुल्क वसूली की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर प्रोजेक्ट मैनेजर रायपुर की टीम द्वारा जांच की गई, जिसमें ई-केवायसी के एवज में शुल्क मांगने वाले 4 सीएससी संचालकों की आईडी ब्लॉक कर दी गई है।
जिला प्रशासन को मीडिया और अन्य माध्यमों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ सीएससी संचालक महतारी वंदन योजना के ई-केवायसी कार्य के लिए महिलाओं से पैसे की मांग कर रहे हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई गई। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित सीएससी संचालकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई।
प्रोजेक्ट मैनेजर रायपुर की टीम ने कलेक्टर को जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि महतारी वंदन योजना के तहत ई-केवायसी की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। किसी भी हितग्राही से शुल्क लेना नियम विरुद्ध है। टीम ने यह भी कहा कि यदि ग्राम पंचायतों, वार्ड कार्यालयों या अन्य किसी माध्यम से शुल्क वसूली की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित शिकायतों की सूची उपलब्ध कराई जाए, ताकि दोषी सीएससी संचालकों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करते हुए उनकी आईडी निरस्त अथवा स्थायी रूप से बंद की जा सके।
जिन सीएससी संचालकों की आईडी ब्लॉक की गई है, उनमें सरायपाली क्षेत्र के परशुराम रात्रे, राजू बरिहा और नरहरि कुमार शामिल हैं। वहीं बसना क्षेत्र की वृंदावती भोई की सीएससी आईडी भी ब्लॉक की गई है।
जिला प्रशासन ने हितग्राहियों से अपील की है कि ई-केवायसी के नाम पर किसी भी प्रकार की राशि की मांग किए जाने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं, ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
