पीएम श्री स्कूल भविष्य की शिक्षा के मॉडल संस्थान बनें : अलरमेलमंगई डी

सेंट्रल नोडल अधिकारी ने पीएम श्री तुमगांव और बृजराज पाठशाला का किया निरीक्षण, आधुनिक शिक्षा व्यवस्था और अधोसंरचना विकास पर दिया जोर
महासमुंद। पीएम श्री योजना अंतर्गत जिले के चयनित विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, अधोसंरचना एवं नवाचार आधारित शिक्षण व्यवस्था के अवलोकन हेतु पीएम श्री योजना की सेंट्रल नोडल अधिकारी अलरमेलमंगई डी ने बुधवार को पीएम श्री तुमगांव एवं बृजराज पाठशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. देवांगन, डीएमसी रेखराज शर्मा, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षकगण एवं विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहे।
सेंट्रल नोडल अधिकारी अलरमेलमंगई डी ने कहा कि पीएम श्री विद्यालय केवल सामान्य स्कूल नहीं हैं, बल्कि इन्हें भविष्य की शिक्षा व्यवस्था के मॉडल संस्थानों एवं “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में विकसित किया जाना है। इसके लिए विद्यालयों में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा के साथ आधुनिक एवं मानक अनुरूप अधोसंरचना विकसित करना आवश्यक है।
उन्होंने विद्यालय भवनों की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, स्मार्ट क्लास, खेल मैदान एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेते हुए निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित की जाएं, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर एवं प्रेरणादायी शिक्षण वातावरण उपलब्ध हो सके।
निरीक्षण के दौरान श्रीमती मंगई ने शिक्षकों से संवाद कर शिक्षण पद्धति की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों को खेल-खेल में शिक्षा, गतिविधि आधारित शिक्षण एवं नवाचार आधारित अध्यापन पद्धति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यार्थियों में रचनात्मकता, तार्किक क्षमता एवं व्यवहारिक ज्ञान का विकास किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सभी शिक्षक नियमित रूप से प्रशिक्षण प्राप्त करें तथा आधुनिक शिक्षण तकनीकों का अधिकाधिक उपयोग करें। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समग्र शिक्षा प्रदान करना पीएम श्री योजना का मुख्य उद्देश्य है।
सेंट्रल नोडल अधिकारी ने विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब का भी निरीक्षण किया तथा प्रयोगशालाओं में आधुनिक उपकरण एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पुस्तकालय व्यवस्था को और अधिक समृद्ध बनाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की रुचि एवं विभिन्न विषयों से संबंधित पर्याप्त पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी का पुस्तकालय कार्ड बनाकर उन्हें नियमित रूप से पुस्तकें इश्यू करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि पीएम श्री विद्यालयों को तकनीकी रूप से सक्षम, नवाचार आधारित एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, ताकि ये विद्यालय अन्य स्कूलों के लिए आदर्श मॉडल बन सकें।