समाधान समारोह 2026: आमजन को मिलेगा सस्ता, त्वरित और सरल न्याय
21 अप्रैल से शुरू राष्ट्रीय अभियान, अगस्त में विशेष लोक अदालत के जरिए होगा मामलों का निपटारा
महासमुंद। न्याय को आम नागरिकों के लिए सरल, सुलभ और त्वरित बनाने की दिशा में भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा “समाधान समारोह अर्थात विशेष लोक अदालत 2026” की अभिनव पहल शुरू की गई है। यह राष्ट्रीय स्तर का अभियान 21 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हो चुका है, जिसका समापन 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को आयोजित विशेष लोक अदालत के साथ होगा।
विशेष लोक अदालत का आयोजन नई दिल्ली स्थित सर्वोच्च न्यायालय परिसर में किया जाएगा, जहां लंबित उपयुक्त मामलों का आपसी सहमति और सुलह के माध्यम से निराकरण किया जाएगा। इस पहल को न्यायिक प्रक्रिया को अधिक मानवीय, समयबद्ध और कम खर्चीला बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रदेश में भी सक्रिय पहल
छत्तीसगढ़ में इस अभियान के तहत राज्य, जिला एवं तहसील स्तर पर सुलह बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित मध्यस्थता केंद्रों में हो रहा है। इन केंद्रों में प्रशिक्षित मध्यस्थ और अधिकारी पक्षकारों को आपसी सहमति से समाधान तक पहुंचाने में सहयोग कर रहे हैं।
ऑनलाइन भी जुड़ सकते हैं पक्षकार
समाधान समारोह 2026 के तहत पक्षकार व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के साथ-साथ वर्चुअल माध्यम से भी भाग ले सकते हैं, जिससे अधिक से अधिक लोगों को इस सुविधा का लाभ मिल सके।
उद्देश्य: विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान
इस पहल का मुख्य उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों की संख्या को कम करना और विवादों के समाधान के लिए एक वैकल्पिक, सरल एवं प्रभावी मंच उपलब्ध कराना है।
आमजन से अपील
सर्वोच्च न्यायालय ने अधिवक्ताओं, वादकारियों और संबंधित सभी पक्षों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। साथ ही छत्तीसगढ़ के नागरिकों से भी आग्रह किया गया है कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपने मामलों का आपसी सहमति से समाधान कराने का प्रयास करें।
