धान खरीदी के नाम पर बड़ा धोखा: 2 करोड़ की ठगी से किसान बेहाल, महीनों बाद एफआईआर दर्ज
ऊंचे दाम का लालच देकर फसल खरीदी, भुगतान नहीं किया
महासमुंद। धान खरीदी के नाम पर किसानों से करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। लंबे समय तक न्याय के लिए भटकने के बाद आखिरकार पीड़ित किसानों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार, मई 2025 में ग्राम बिन्द्रावन नर्रा (कोमाखान) निवासी गिरीश पांडे और उसके दो साथियों ने किसानों को रबी धान का बाजार भाव 1500–1550 रुपए प्रति क्विंटल बताते हुए उससे अधिक 1800 से 2100 रुपए प्रति क्विंटल देने का लालच दिया। बेहतर दाम के झांसे में आकर किसानों ने अपनी फसल उन्हें बेच दी।
फसल बेचने के बाद जब किसानों ने भुगतान की मांग की, तो आरोपियों द्वारा बार-बार “आज-कल” कहकर टालमटोल किया जाता रहा। समय बीतने के बावजूद किसानों को उनकी मेहनत की रकम नहीं मिली।
पीड़ित किसानों के मुताबिक, बोईरगांव, लोन्दामुड़ा, नर्रा, कसेकेरा, देवरी सहित कई गांवों के किसानों का करीब 2 करोड़ रुपए अब भी बकाया है। किसानों ने बताया कि उन्होंने खेती के लिए कर्ज लेकर खाद और दवाइयां खरीदी थीं। ऐसे में भुगतान नहीं मिलने से उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
इस संबंध में किसानों ने पहले थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद अगस्त 2025 में कलेक्टर जनदर्शन में अपनी पीड़ा रखी। प्रशासन द्वारा जांच के बाद अब पुलिस ने आरोपी गिरीश पांडे और दो अन्य के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले में देरी से कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं किसान अब जल्द न्याय और अपनी मेहनत की रकम मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
