पूर्व सरकार की गौठान को बंद कर अब गौधाम योजना का दिखावा कर रही भाजपा सरकार: विनोद

महासमुंद। पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की महत्वाकांक्षी नरवा, गरवा, घुरवा, बारी योजना के तहत संचालित गौठानों को दुर्भावनावश बंद कर भाजपा सरकार गौधाम योजना का केवल दिखावा कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल में गौठान ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण का मजबूत केंद्र बने थे। गोधन न्याय योजना के तहत 2 रुपये प्रति किलो गोबर खरीदी से महिला स्व-सहायता समूह वर्मी कंपोस्ट, अगरबत्ती, दीये, पेंट सहित कई उत्पाद बनाकर आय अर्जित कर रहे थे, जिससे ग्रामीण रोजगार और जैविक खेती को बढ़ावा मिला। चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश में लगभग 10 हजार गौठानों के माध्यम से पंचायतों और महिला समूहों की भागीदारी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई थी। लेकिन वर्तमान सरकार की गौधाम योजना में संचालन की जिम्मेदारी एनजीओ व अन्य संस्थाओं को देने से स्थानीय पशुपालकों और ग्रामीणों को लाभ मिलता नहीं दिख रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे योजना केवल कागजों तक सीमित रह सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की योजना से पशुपालकों की आय बढ़ी, घुमंतू मवेशियों को आश्रय मिला और महिला समूह आर्थिक रूप से सशक्त हुए थे, लेकिन भाजपा सरकार ने इस जनहितकारी पहल को बंद कर नई योजनाओं के नाम पर भ्रष्टाचार की जमीन तैयार कर दी है।