जगन्नाथ पुरी धाम में 17 मई से श्रीमद् भागवत कथा, आचार्य वरण संपन्न
चार धाम भागवत कथा समिति का आयोजन, 150 श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
महासमुंद। चार धाम भागवत कथा आयोजन समिति द्वारा आगामी 17 मई से जगन्नाथ पुरी धाम में आयोजित होने वाली श्रीमद् भागवत कथा के लिए सोमवार को आचार्य वरण कार्यक्रम श्रद्धा और विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुआ। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे पं. पंकज तिवारी के निवास पर आयोजित किया गया, जहां जजमानों ने विधिवत आचार्य का चयन किया।
कार्यक्रम में मुख्य जजमान शंकर इंद्राणी पांडेय तथा सह-जजमान मनोजकांत सीता साहू और हेमंत तारा चंद्राकर ने पं. पंकज तिवारी, श्रीमती माधुरी तिवारी एवं प्रज्ञ तिवारी को श्रीफल भेंट कर कथा वाचन हेतु आमंत्रित किया। पारिवारिक सहमति के पश्चात पं. तिवारी ने आचार्य पद स्वीकार करते हुए बताया कि यह आयोजन पिछले चार वर्षों से नगर एवं जनकल्याण की भावना से निरंतर किया जा रहा है।
पुरी में होगी भव्य व्यवस्था, पंजीयन पूर्ण
आयोजन समिति के सदस्य दिलीप जैन, मूलचंद लड्ढा, देवेंद्र ‘गुड्डू’ चंद्राकर और राजेश नायक ने जानकारी दी कि जगन्नाथ पुरी में कथा का आयोजन एक सभागार में किया जाएगा, जहां लगभग 150 श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। श्रद्धालुओं के लिए भोजन, आवास एवं अन्य सुविधाएं भी पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार उपलब्ध कराई जाएंगी। श्रद्धालुओं की संख्या पूर्ण हो जाने के कारण पंजीयन अब बंद कर दिया गया है। कथा श्रवण के लिए श्रद्धालुओं को ले जाने हेतु 15 मई को एक बस तथा 16 मई को दो बसें पं. पंकज तिवारी के निवास से जगन्नाथ पुरी के लिए रवाना होंगी।
बैतरणी नदी में कपिला तर्पण का विशेष आयोजन
कथा के पश्चात उड़ीसा स्थित बैतरणी नदी में कपिला तर्पण एवं विशेष पूजन का आयोजन किया जाएगा। आचार्य पं. पंकज तिवारी के अनुसार बैतरणी नदी को मां गंगा के समान पवित्र माना जाता है, जहां श्रद्धालु विधि- विधान से तर्पण कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।
चार धामों में लगातार आयोजन की परंपरा
उल्लेखनीय है कि समिति द्वारा इससे पूर्व बद्रीनाथ, रामेश्वरम और द्वारिका धाम में भी सफलतापूर्वक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा चुका है। इस वर्ष चौथे धाम के रूप में जगन्नाथ पुरी का चयन किया गया है। कार्यक्रम के दौरान बाबूलाल साहू, चंदनपुरी गोस्वामी, रिकेश दुबे, प्रफुल्ल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
