नेशनल लोक अदालत में 65,962 मामलों का निराकरण, 7.54 करोड़ रुपये के अवार्ड पारित
महासमुंद। जिला न्यायालय महासमुंद सहित जिले के विभिन्न न्यायालयों में शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में लंबित प्रकरणों का सुलह-समझौते के आधार पर बड़े पैमाने पर निराकरण किया गया। इस दौरान कुल 65,962 प्रकरणों का निपटारा करते हुए 7 करोड़ 54 लाख 33 हजार 398 रुपये के अवार्ड पारित किए गए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद की प्रभारी सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री चेतना ठाकुर ने बताया कि प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय महासमुंद तथा तहसील पिथौरा, सरायपाली, बसना और बागबाहरा के न्यायालयों सहित सिविल, श्रम और राजस्व न्यायालयों में कुल 25 खंडपीठों का गठन किया गया।
जिला न्यायालय परिसर के सभाकक्ष में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी, प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सुश्री संघपुष्पा भतपहरी, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश आनंद बोरकर, जिला अधिवक्ता संघ के सचिव संदीप साहू, सुलहकर्ता सदस्य, अधिवक्ता, बैंकर्स तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
लोक अदालत में श्रमिक विवाद, बैंक रिकवरी, बिजली बकाया, प्री-लिटिगेशन प्रकरण, राजस्व मामलों के साथ ही राजीनामा योग्य दांडिक प्रकरण, परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण तथा विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 (क) से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई।
प्री-लिटिगेशन मामलों में भी बड़ी संख्या में प्रकरणों का निपटारा हुआ। बैंक रिकवरी के 4,631 मामलों में 30 लाख 59 हजार 870 रुपये, विद्युत के 14,329 मामलों में 52 लाख 2 हजार 900 रुपये, श्रम के 41 मामलों में 16 लाख 50 हजार 400 रुपये तथा एमएसीटी के 27 मामलों में 3 करोड़ 33 लाख 75 हजार रुपये के अवार्ड पारित किए गए।
इसी प्रकार एनआई एक्ट की धारा 138 के 30 मामलों में 1 करोड़ 40 लाख 25 हजार 212 रुपये तथा 231 अन्य सिविल मामलों में 1 करोड़ 69 लाख 47 हजार 116 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। वहीं राजस्व न्यायालयों के माध्यम से जिले में 43,122 प्रकरणों का निराकरण किया गया।
उल्लेखनीय है कि 14 मार्च को पूरे देश में हाइब्रिड नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसके सफल संचालन के लिए कई महीनों से तैयारी की जा रही थी तथा पक्षकारों को पहले से नोटिस भेजकर समझौते के लिए प्रेरित किया गया था।
इस अवसर पर जिला न्यायालय परिसर में विशेष स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया, जिसमें न्यायालयीन अधिकारी-कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और पक्षकारों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई।
नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन में अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा।
