बिहान से महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक हालात में लाया बदलाव
महासमुंद। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आर्थिक और सामाजिक बदलाव का माध्यम बन रहा है। ग्राम पंचायत अठारहगुड़ी की कैकई नाग इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं। कैकई दीदी बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पहले उनके पास आजीविका का कोई स्थायी साधन नहीं था और परिवार का भरण-पोषण कृषि मजदूरी पर निर्भर था। वर्ष 22 जुलाई 2018 को गांव की 10 महिलाओं ने मिलकर हस्तकला महिला स्व-सहायता समूह का गठन किया। सर्वसम्मति से कैकई नाग को समूह का अध्यक्ष और सोहद्रा ध्रुव को सचिव चुना गया। समूह से जुड़ने के बाद कैकई दीदी को बचत की आदत, वित्तीय प्रबंधन और आजीविका के नए अवसरों की जानकारी मिली। समूह को जिला पंचायत से 15 हजार रुपए रिवॉल्विंग फंड और 60 हजार रुपए कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड प्राप्त हुआ। इसके अलावा बैंक से 3 लाख रुपए का ऋण भी मिला। इस आर्थिक सहयोग से कैकई दीदी ने सेंट्रिंग प्लेट का व्यवसाय शुरू किया तथा च्वाइस सेंटर और स्टेशनरी दुकान भी प्रारंभ की। आज उनका व्यवसाय अच्छी तरह संचालित हो रहा है और इससे उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है। परिवार के सदस्य भी इस कार्य में सहयोग करते हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में काफी मजबूत हुई है। कैकई दीदी और समूह की अन्य सदस्य बताती हैं कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है, आपसी एकजुटता मजबूत हुई है और वे स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
