छग के विकास को नई रफ्तार देने वाले बजट: रूपकुमारी
महासमुंद। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सांसद रूपकुमारी चौधरी ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ विजन को साकार करने वाला जन-हितैषी, समावेशी और दूरदर्शी बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ की जनता की आकांक्षाओं का सच्चा प्रतिबिंब है, जो ‘ज्ञान’ की प्रगति के साथ विकास की ‘गति’ और सुशासन के ‘संकल्प’ को मजबूती प्रदान करेगा।
श्रीमती चौधरी ने कहा कि बेटियों के सशक्त भविष्य के लिए घोषित ‘रानी दुर्गावती योजना’ राज्य सरकार की ऐतिहासिक पहल है। इस योजना के तहत जन्मी बालिकाओं को 18 वर्ष पूर्ण होने पर 1.50 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी, जो मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नारी शक्ति के प्रति संवेदनशील सोच को दशार्ती है। इसके साथ ही ‘महतारी वंदन योजना’ के अंतर्गत 70 लाख महिलाओं को निरंतर मिल रही आर्थिक सहायता और नई ‘लखपति भ्रमण दीदी योजना’ महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कदम साबित होंगी। उन्होंने बजट की ‘संकल्प’ थीम—समावेशी विकास, अधोसंरचना विस्तार, निवेश प्रोत्साहन, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, आजीविका और नीति से परिणाम—की सराहना करते हुए कहा कि 1.72 लाख करोड़ रुपये का यह बजट छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में खड़ा करने का मजबूत आधार बनेगा।? सांसद श्रीमती चौधरी ने कहा कि प्रदेश में 23 नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना से स्थानीय युवाओं को व्यापक रोजगार अवसर मिलेंगे। अबूझमाड़ और जगरगुंडा जैसे अति-दुर्गम क्षेत्रों में 100 करोड़ रुपये की लागत से ‘शिक्षा शहर’ की स्थापना बस्तर अंचल के भविष्य को नई दिशा देगी। कुनकुरी, मनेन्द्रगढ़ और दंतेवाड़ा में नए मेडिकल कॉलेज तथा रायपुर में आधुनिक खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला का निर्माण स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगा।
उन्होंने बताया कि बस्तर की इंद्रावती नदी पर मातवर और देउरगांव बैराजों के लिए 2,024 करोड़ रुपये का प्रावधान किसानों की सिंचाई क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि करेगा। वहीं ‘मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना’ और पर्यटन संवर्धन हेतु ‘होम स्टे योजना’ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान करेंगी। श्रीमती चौधरी ने विश्वास जताया कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास का स्पष्ट रोडमैप है, जो प्रदेश को आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
