बेटे की लाश, पिता का राज: अंधे कत्ल का सनसनीखेज खुलासा
महासमुंद। जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। एक महीने तक गायब रहे युवक का शव जब कुंए में प्लास्टिक बोरी में तैरता मिला, तो हर कोई सन्न रह गया। लेकिन असली कहानी उससे भी ज्यादा खौफनाक निकली—इस हत्या के पीछे कोई बाहरी नहीं, बल्कि खुद उसके पिता और छोटे भाई ही निकले।
कुंए में मिला शव, मची सनसनी
9 अप्रैल 2026 को यशवंत चंद्राकर के मुर्गी फार्म के पास जंगल से लगे लिफ्ट एरिगेशन के कुंए में एक युवक का शव बोरी में बंद हालत में तैरता मिला। शव के साथ पत्थर बांधा गया था ताकि वह डूबा रहे, लेकिन सच्चाई ज्यादा देर छुप नहीं सकी।
जांच में खुला खौफनाक राज
पुलिस जांच में शव की पहचान 27 वर्षीय सत्यानारायण ध्रुव के रूप में हुई, जो पिछले एक महीने से लापता था। जब पुलिस ने परिवार से सख्ती से पूछताछ की, तो जो सच सामने आया, उसने सबको हिला दिया।
घरेलू विवाद बना मौत की वजह
बताया गया कि सत्यानारायण शराब का आदी था और नशे में अक्सर घरवालों के साथ मारपीट करता था। 6 मार्च की रात भी वह अपनी मां के साथ मारपीट कर रहा था। इसी दौरान छोटे भाई का गुस्सा फूट पड़ा।
पत्थर से वार, मौके पर मौत
गुस्से में छोटे भाई ने घर में रखे पत्थर के सील से सत्यानारायण के सिर पर कई वार कर दिए। खून से लथपथ होकर वह वहीं गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई।
पिता ने बेटे संग मिलकर रची साजिश
कुछ देर बाद पिता महेश ध्रुव घर पहुंचे। बेटे की मौत देख उन्होंने पुलिस को सूचना देने के बजाय सबूत मिटाने का फैसला किया। दोनों ने मिलकर शव को बोरी में भरा, मोटरसाइकिल में रखकर सुनसान इलाके में ले गए और कुंए में फेंक दिया।
आखिरकार कानून के शिकंजे में आरोपी
पुलिस ने आरोपी पिता महेश ध्रुव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि नाबालिग बेटे को बाल न्यायालय में पेश किया गया है।
नशा, गुस्सा और अपराध का खतरनाक मेल
यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि उस सामाजिक सच्चाई को उजागर करती है जहां शराब की लत और पारिवारिक तनाव मिलकर रिश्तों को खून से रंग देते हैं।
