बजट में महत्वपूर्ण वादों का उल्लेख नहीं : विनोद

महासमुंद। पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत बजट पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट जन-आकांक्षाओं के विपरीत है और प्रदेशवासियों को गहरी निराशा देने वाला साबित हुआ है।
श्री चंद्राकर ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए महत्वपूर्ण वादों का बजट में कोई उल्लेख तक नहीं है। महिलाओं को 500 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की घोषणा, बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के वादे और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की ठोस योजना सब कुछ बजट से गायब है। 33 हजार शिक्षकों की भर्ती को लेकर भी कोई प्रावधान नहीं किया गया, जिससे शिक्षित बेरोजगारों में निराशा और बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि बीएड अभ्यर्थी और संविदा कर्मचारी लंबे समय से हड़ताल पर हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए बजट में कोई पहल नहीं दिखी। दैवेभो कर्मियों के नियमितीकरण का वादा भी अधूरा रह गया। कर्मचारी वर्ग को उम्मीद थी कि सरकार तीसरे बजट में कोई ठोस निर्णय लेगी, परंतु उन्हें भी मायूसी ही हाथ लगी।? महाविद्यालयीन छात्राओं को मासिक ट्रैवलिंग अलाउंस देने का वादा कर सत्ता में आई भाजपा सरकार ने इस दिशा में भी कोई विशेष पैकेज घोषित नहीं किया। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए स्पष्ट और व्यापक योजना का अभाव भी बजट की बड़ी कमी बताया गया। खेतिहर भूमिहीन किसानों के लिए किए गए प्रावधान को उन्होंने ‘‘ऊंट के मुंह में जीरा’’ बताया।? उन्होंने आरोप लगाया कि 500 नए मोबाइल टावर लगाने की घोषणा कर सरकार ने उद्योगपतियों पर विशेष ध्यान दिया है, जबकि गांव, गरीब, किसान, मजदूर, युवा और महिलाओं के हितों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है।