डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की मनाई गई 125वीं जयंती

महासमुंद। भारतीय जनसंघ के संस्थापक, अखंड भारत के प्रणेता डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी की 125 वीं जयंती शहर के श्यामाप्रसाद मुखर्जी सभागार टाउनहाल में मनाई गई। भाजपा शहर मंडल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष येतराम साहू ने डॉ श्यामाप्रसाद को अखंड और अटूट भारत निर्माण का प्रणेता बताते हुए कहा कि मुखर्जी के राष्ट्रहित में दिए गए बलिदान का पूरा राष्ट्र ऋणी रहेगा। देश में एकता के साथ एक समान संविधान लागू कराने मुखर्जी सदैव संघर्ष करते रहे और देशहित में अपना सर्वस्व बलिदान किया।
कृषि बीज विकास निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी को प्रखर विद्वान, शिक्षाविद् और राष्ट्रवादी चिंतक बताते हुए कहा कि भारत देश की स्वतंत्रता के बाद भी तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू सरकार के समय देश में कश्मीर में लागू परमिट सिस्टम के साथ दो विधान, दो निशान और दो प्रधान का मुखर्जी ने पुरजोर विरोध करते हुए स्वयं कश्मीर प्रवेश किये और उन्हें गिरफ्तार किया, जहां जेल में उनकी रहस्यमय मृत्यु हुई। पूर्व विधायक व प्रदेश प्रवक्ता डॉ विमल चोपड़ा ने श्यामाप्रसाद के योगदान को नमन करते हुए कहा कि आजाद भारत में नेहरू मंत्रिमंडल में गैरकांग्रेसी मंत्री रहते हुए भी उन्होंने अपने सिद्धांतों और राष्ट्रीय हित के मुद्दों से हटकर सरकार की नीतियों से कभी समझौता नहीं किया। नेहरू और गांधी की तुष्टिकरण की नीतियों का मुखर्जी हमेशा विरोध करते रहे। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के स्वप्नद्रष्टा श्यामाप्रसाद का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत है।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से नपा उपाध्यक्ष देवीचंद राठी, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुधा साहू, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष दिग्विजय साहू, रमेश साहू, जिला मीडिया प्रभारी गोपाल वर्मा, भाजपा पदाधिकारी मंडल उपाध्यक्ष राजू चंद्राकर, महामंत्री अग्रज शर्मा, एम आर विश्वनाथन, आनंद साहू, महेंद्र जैन, राहुल चंद्राकर, ऋषभ बाफना, हिमांशु चंद्राकर, नंदू जलछत्री, भगवती करकसे, पांडुरंग मदनकर, शरद राव, महेश चौहान, रमेश पटवा, गोपी कनौजे, महेंद्र सिक्का, लिलेश साहू आदि उपस्थित रहे।