सोसाइटियों में डीएपी का शार्टज, दुकानों में आसानी से उपलब्ध: डॉ. रश्मि

महासमुंद। कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर ने कहा कि सहकारी सोसाइटियों में डीएपी संकट है। निजी दुकानों में डीएपी आसानी से मिल रही है। खरीफ की तैयारियों में जुटे किसानों को अभी से खाद-बीज संकट से जूझना पड़ रहा है। सहकारी सोसाइटियों में उपलब्धता नहीं होने से किसान निजी दुकानों का रूख कर रहे हैं। यहां उन्हें अधिक कीमत में डीएपी आसानी से मिल रही है। डॉ चंद्राकर ने आगे कहा कि खरीफ की बुवाई से पहले डीएपी खाद की किल्लत ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। महासमुंद ही नहीं, बल्कि सभी जिलों में खाद की खुलेआम कालाबाजारी चल रही है। सहकारी सोसाइटियों में 1350 रुपए में मिलने वाली डीएपी निजी दुकानों में अधिक कीमत में में बेची जा रही है। हैरानी की बात तो यह है कि सोसाइटियों में इस खाद का संकट है, लेकिन निजी दुकानों में आसानी से उपलब्ध है। डॉ रश्मि चंद्राकर ने कहा कि निजी दुकानों को वाजिब दरों पर बेचने के लिए शासन-प्रशासन सख्त निर्देश जारी करे ताकि किसानों से लूट बंद हों। गांवों में धान बोनी का कार्य जोरों पर है। लगभग एक सप्ताह में बोनी पूरी होने की संभावना है लेकिन निजी दुकानों से खरीदी नहीं कर पाने वाले छोटे किसान अभी भी सोसाइटियों की ओर ताक रहे हैं।