सरकार ने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की आड़ में बनाया लूट का अवसर : डॉ.रश्मि

महासमुंद। कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ रश्मि चंद्राकर ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में हजारों कंपनियां हैं जो नए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनाने का काम किफायती दर पर कर सकती है। लेकिन, भाजपा की कमीशनखोर सरकार ने दिल्ली और हरियाणा की केवल दो ही कंपनियों को उपकृत करने की जिद ने लाखों लोगों को कतार में खड़ा होने पर मजबूर कर दिया है। परिवहन विभाग की अक्षमता और सिस्टम में खामी की सजा भी आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। 1 अप्रैल 2025 से इस मामले में चालानी कार्रवाई शुरू हो गई है। 500 से 10 हजार तक भारी भरकम जुर्माना वसूली वाहन मालिकों पर अत्याचार है। उन्होने कहा है कि अप्रैल 2019 से पहले के लाखों वाहनों में से अधिसंख्यक वाहनों में अभी भी पुराने नंबर प्लेट लगे हैं, जिन्हें बदलने में सुविधाजनक प्रक्रिया मुहैया कराने के बजाय सख्ती से जुर्माना वसूली ही इस निर्दयी सरकार का फोकस हैं। आरटीओ ने बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के वाहनों के फिटनेस जांच नहीं करने का फरमान जारी कर दिया है। जब ऐसे नंबर प्लेट स्थानीय स्तर पर और भी कंपनियां बना सकती है, कम कीमत पर बना सकती है, अधिक तत्परता से बना सकती है फिर केवल दो कंपनियों पर निर्भरता क्यों? गुणवत्ताहीन नंबर प्लेट जिसकी लागत 50 रुपए भी नहीं होगी, दुपहिया वाहनों के लिए 483 रुपए, निजी कार के 656 इसी तरह तिपहिया और कमर्शियल वाहनों से और भी अधिक वसूली की जा रही है। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की अनिवार्यता को साय सरकार ने लूट का अवसर बना लिया है।