फर्जीवाड़ा कर सरकारी जमीन बेची ,दो गिरफ्तार

महासमुंद। शासकीय भूमि को कलेक्टर के फर्जी आदेश बनाकर कूटरचना करते हुए बेच देने के मामले में पटेवा पुलिस ने जमीन दलाल फुन्नू अग्रवाल उर्फ लक्ष्मीनारायण अग्रवाल और मुकेश अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मामले में प्रार्थी की शिकायत पर धारा 406, 420, 467, 468, 471, 34 के तहत धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया था।
मिली जानकारी के अनुसार लाखे नगर रायपुर निवासी रामअवतार अग्रवाल ने शिकायत की थी कि उक्त दोनों आरोपियों ने ग्राम चिरको प.ह.नं.19 रा.नि.मं. पटेवा स्थित नेशनल हाईवे से लगी अलग-अलग खसरा नंबरों की करीब 3.02 हेक्टेयर कृषि भूमि का सौदा उनके साथ किया था। सौदे के अनुसार उन्हें उक्त रकम का भुगतान किया गया था। बाद में 19 जनवरी 2011 को खसरा नंबर 1503 को छोड़कर सभी का रजिस्ट्री टुकड़ों में हो गई। रजिस्ट्री के दिन 2 लाख 13 हजार 200 रूपए रजिस्ट्री के लिए मुकेश व फुन्नू अग्रवाल को दिया। पंजीयन कराकर कब्जा भी प्राप्त कर लिया था। बाद में रजिस्ट्री के मुताबिक मेरे व पत्नी रश्मि के नाम से नामांतरण भी हो गया। मैं और मेरी पत्नी विक्रेता गोविंद राम अग्रवाल, सरस्वती अग्रवाल, लाजवंती अग्रवाल, अमरूत सतनामी, कौशिल्या बाई सतनामी से रजिस्ट्री के समय ही मिले थे। इनके साथ सौदा कराने में मुकेश अग्रवाल झलप, फुन्नू उर्फ लक्ष्मीनारायण अग्रवाल निवासी लहरौद (पिथौरा), राजू अग्रवाल पिथौरा, राजेश पिता किशोरी लाल साहू शारदा चौक, आरडीए बिल्डिंग के पीछे रायपुर की उपस्थिति, हस्ताक्षर उपरांत लिखित एग्रीमेंट के आधार पर सौदा किया था। श्री अग्रवाल ने शिकायत में बताया कि वर्ष 2022 में बिटिया की शादी के लिए उक्त कृषि भूमि विक्रय करने के लिए ग्राम चिरको के पटवारी के पास नकल,नक्शा व बी-1 खसरा की प्रति मांगने गया, तो पता चला कि खरीदी गई सभी भूमि सरकारी होने के कारण शासकीय अभिलेख से उसका व उसकी पत्नी का नाम विलोपित कर दिया गया है। बाद में उसे ज्ञात हुआ कि उपरोक्त विक्रेतागणों ने उसे व उसकी पत्नी को बी-1, खसरा एवं ऋण पुस्तिका आदि दस्तावेज फर्जी तैयार कर जमीन बिक्री की थी। मामले में श्री अग्रवाल से 35.88 लाख रूपए लेकर उन्हें भूमि स्वामियों को दी थी।