समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदत्त उपकरण से दिव्यांगजन हो रहे है लाभान्वित
विगत सात महीनों में 1278 हितग्राहियों दिए गए विभिन्न उपकरण
दंतेवाड़ा, 04 नवंबर 2024। कुछ वर्ष पूर्व वरिष्ठ एवं दिव्यांगजनों के लिए अपनी दैनिक जीवन की विभिन्न गतिविधियों के निर्वहन के लिए दूसरों पर निर्भर रहना एक नियति थी। परन्तु आधुनिक चिकित्सा के दौर में दिव्यांगों हेतु अब ऐसे उपकरण उपलब्ध है जिनसे वरिष्ठ एवं दिव्यांगजनों की दिनचर्या पहले से अधिक सुगम हो गई है। इस क्रम में समाज कल्याण विभाग द्वारा विगत अप्रैल 2024 से अक्टूबर 2024 तक 1278 निःशक्तजनों को कृत्रिम अंग, एवं सहायक उपकरण प्रदाय योजना के तहत विभिन्न प्रकार के उपकरण नि शुल्क प्रदाय किया गया। इन जरूरतमंद हितग्राहियों को जनपदपंचायत, नगर पालिका, एवं नगर पंचायत के माध्यम से चिन्हित किया गया था।
ज्ञात हो कि इन उपकरणों में बैटरी चलित ट्रायसायकल, सामान्य ट्रायसायकल, श्रवण यंत्र, बैसाखी, ’’एल्बो स्टिक’’, ’’वॉकर’’, ’’ब्लाइंड स्टिक’’, कृत्रिम पैर एवं हाथ, ’’कैलीपर्स’’, सामान्य छड़ी, व्हीलचेयर, जैस उपकरण प्रमुख है। बैटरी चलित ट्रायसायकल स्वरोजगार या रोजगार करने वाले दिव्यांगों, पढ़ने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों, बच्चों को विद्यालय छोड़ने वाले दिव्यांग माता पिताओं को गतिशील बनाने के उद्देश्य से तथा 60ः या अधिक दिव्यांगता वाले हितग्राहियों को दिये जाने का प्रावधान है। इसी प्रकार सामान्य ट्रायसायकल 40ः या उससे अधिक अस्थिबाधित दिव्यांगों को गतिशीलता प्रदान कर जीवन यापन करने, व्हीलचेयर चलने फिरने में पूर्ण रूप से असमर्थ गंभीर दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिकों को, श्रवण यंत्र सुनने में कठिनाई होने पर, बैसाखी, ’’एल्बो स्टिक’’ दोनों पैर अथवा एक पैर से चलने वाले दिव्यांग हितग्राहियों को सहारा प्रदान करने हेतु, ’’वॉकर’’ चलने फिरने में थोड़ी समस्या वाले हितग्राही, ’’ब्लाइंड स्टिक’’ दृष्टिबाधित दिव्यांगों को चलने में मदद के लिए, सामान्य छड़ी वरिष्ठ नागरिकों को, प्रदाय किये जाते है। इसके अलावा किसी दुर्घटना के कारण हाथ या पैर खोने वाले व्यक्तियों के लिए कृत्रिम पैर एवं हाथ तथा बिना सहारे के चलने में परेशानी वाले दिव्यांगजनों को ’’कैलीपर्स’’ उपकरण भी विभाग द्वारा दिए जाते है।
कुल मिलाकर ध्येय यही है किष्षारीरिक निःशक्तता समाज के मुख्यधारा में जुड़ने के लिए बाधक नहीं बननी चाहिए। सर्वजनहिताय ’’सर्वजनसुखाय की मुल भावना हमारे समाज में सदैव विद्यमान रही है और दिव्यांगजनों को प्रदायित उपकरणों ने निश्चय ही दिव्यांग एवं वरिष्ठजनों के जीवन को आसान बनाया हैं।
