महतारी वंदन की राशि से शुरू हुआ सिलाई का काम

अश्वनी मरकाम ने संवारी घर की आर्थिक स्थिति
हर माह मिली आर्थिक संबल की राशि ने अश्वनी को बनाया आत्मनिर्भर
कोरबा 08 अक्टूबर 2026/घर की जिम्मेदारियों के बीच अपनी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने वाली महिलाओं के लिए नियमित आर्थिक सहायता नई संभावनाओं का द्वार खोल रही है। ग्राम तिवरता, विकासखंड पाली की श्रीमती अश्वनी मरकाम के जीवन में भी महतारी वंदन योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता ने आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का अवसर दिया। हर माह खाते में प्राप्त होने वाली एक हजार रुपये की राशि का उन्होंने सार्थक उपयोग करते हुए घर पर ही सिलाई का काम शुरू किया। पीकू-फॉल सिलाई सहित अन्य सिलाई कार्यों से अब उन्हें नियमित आमदनी प्राप्त हो रही है। श्रीमती अश्वनी मरकाम बताती हैं कि योजना का लाभ मिलने से पहले घर की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए उपलब्ध आय का ही सहारा रहता था। अपने हुनर का उपयोग कर कुछ अतिरिक्त आमदनी करने की इच्छा थी, जिसके लिए आवश्यक साधन जुटाना आसान नहीं था। महतारी वंदन योजना से हर महीने मिलने वाली राशि ने उन्हें अपने काम की शुरुआत करने का आधार दिया। उन्होंने इसी आर्थिक संबल का उपयोग सिलाई से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में किया और घर से ही काम शुरू कर दिया।
वे बताती हैं कि अब पीकू-फॉल सिलाई और अन्य छोटे सिलाई कार्यों से होने वाली आमदनी का उपयोग घर की आवश्यकताओं और रोजमर्रा की दैनिक उपयोग की वस्तुओं की खरीदारी में करती हूं। इससे घरेलू खर्चों को संभालने में सुविधा हुई है और अपनी कमाई में से कुछ राशि भविष्य की जरूरतों के लिए बचत भी कर पा रही हूं। घर से काम करने की सुविधा के साथ अपनी आय का साधन बनने से मेरे भीतर आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
श्रीमती अश्वनी मरकाम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ने मुझे अपने हुनर को काम में बदलने का अवसर दिया। अब मैं घर की जरूरतों में अपना योगदान दे रही हूं, सिलाई के काम से आमदनी कर रही हूं और अपनी कमाई में से बचत भी कर पा रही हूं।