विश्व रेबीज दिवस पर जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर में हुआ पोस्टर प्रेजेंटेशन
नर्सिंग विद्यार्थियों ने पोस्टर के माध्यम से दिया रेबीज से बचाव एवं रोकथाम का संदेश
कोण्डागांव, 30 सितम्बर 2026/विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर 28 सितम्बर को स्वास्थ्य विभाग, जिला कोण्डागांव के तत्वावधान में शासकीय जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर, कोण्डागांव में रेबीज जागरूकता को लेकर पोस्टर प्रेजेंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नर्सिंग विद्यार्थियों सहित आमजन को रेबीज से बचाव, रोकथाम और समय पर उपचार के प्रति जागरूक करना रहा।
कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. चतुर्वेदी के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर के नर्सिंग विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों ने आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक पोस्टरों के माध्यम से रेबीज के कारण एवं लक्षण, पशु के काटने अथवा खरोंचने के बाद बरती जाने वाली सावधानियों, घाव की तत्काल सफाई तथा समय पर एंटी-रेबीज उपचार और टीकाकरण के महत्व को प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम में डॉ. ममता ठाकुर, प्राचार्य श्रीमती अनीता सोनी एवं शिक्षकगण, महामारी विशेषज्ञ श्री झम्मन लाल वर्मा तथा एनसीडी सलाहकार सुश्री शीला यादव उपस्थित रहे। अधिकारियों एवं शिक्षकों ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत पोस्टरों का अवलोकन किया तथा रेबीज की रोकथाम एवं बचाव से संबंधित आवश्यक जानकारी साझा की।
पशु के काटने या खरोंचने पर तत्काल उपचार जरूरी
पोस्टर प्रेजेंटेशन के माध्यम से विद्यार्थियों ने आमजन को संदेश दिया कि कुत्ते अथवा किसी अन्य पशु के काटने या खरोंचने की स्थिति में घाव को तत्काल साबुन एवं बहते पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद बिना विलंब किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय सलाह लेकर आवश्यक एंटी-रेबीज उपचार एवं टीकाकरण कराना चाहिए। समय पर प्राथमिक उपचार और चिकित्सकीय परामर्श रेबीज से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को किया सम्मानित
पोस्टर प्रेजेंटेशन में विद्यार्थियों ने रेबीज से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता में गनेश्वरी मरकाम ने प्रथम, बिन्देश्वरी पोयाम ने द्वितीय तथा भुनेश्वरी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीनों विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने आमजन को जागरूक करते हुए बताया कि रेबीज गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर उचित उपचार एवं टीकाकरण के माध्यम से इससे बचाव संभव है। जागरूकता, घाव की तत्काल सफाई, त्वरित प्राथमिक उपचार और समय पर एंटी-रेबीज उपचार रेबीज की रोकथाम के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
