नगर पालिका की सभी चल-अचल संपत्तियों का होगा भौतिक सत्यापन, विशेष अभियान शुरू

भूमि, भवन, दुकान, जल संरचनाओं सहित सभी परिसंपत्तियों का होगा स्थल निरीक्षण, अभिलेख किए जाएंगे अद्यतन
महासमुंद। नगर पालिका परिषद अपनी सभी चल एवं अचल संपत्तियों का सटीक रिकॉर्ड तैयार करने के लिए विशेष भौतिक सत्यापन अभियान शुरू करने जा रही है। अभियान के तहत परिषद की प्रत्येक परिसंपत्ति का स्थल निरीक्षण कर उसकी वास्तविक स्थिति का अभिलेखों से मिलान किया जाएगा तथा आवश्यक सुधार कर रिकॉर्ड को अद्यतन किया जाएगा।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) सौरभ शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान नगर पालिका की भूमि, भवन, दुकानें, कार्यालय, जल संरचनाएं, सामुदायिक भवन, शेड, सार्वजनिक उपयोग की संपत्तियां तथा अन्य सभी परिसंपत्तियों का विस्तृत भौतिक सत्यापन किया जाएगा। प्रत्येक संपत्ति की वर्तमान स्थिति, उपयोग, क्षेत्रफल, स्वामित्व, कब्जा, मरम्मत की आवश्यकता और उपलब्ध दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी।
उन्होंने बताया कि समय के साथ कई परिसंपत्तियों की स्थिति में बदलाव आ जाता है तथा पुराने अभिलेखों में संशोधन की आवश्यकता महसूस होती है। ऐसे में यह अभियान नगर पालिका की संपत्तियों का सही, सटीक एवं अद्यतन रिकॉर्ड तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
सीएमओ श्री शर्मा ने बताया कि सत्यापन कार्य के बाद सभी अभिलेखों को वास्तविक स्थिति के अनुरूप अद्यतन एवं व्यवस्थित किया जाएगा। अभियान को समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा करने के लिए राजस्व, निर्माण, लेखा तथा संबंधित शाखाओं के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य नगर पालिका की परिसंपत्तियों का सुव्यवस्थित प्रबंधन सुनिश्चित करना, अभिलेखीय त्रुटियों का सुधार करना, सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा बढ़ाना तथा उनका अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी उपयोग सुनिश्चित करना है। भौतिक सत्यापन के माध्यम से यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि कौन-सी संपत्ति उपयोग में है, किन परिसंपत्तियों की मरम्मत आवश्यक है और किन संपत्तियों पर विशेष निगरानी रखने की जरूरत है।
सीएमओ ने विश्वास जताया कि इस विशेष अभियान से परिषद की सभी चल एवं अचल संपत्तियों का प्रमाणिक और अद्यतन रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी, परिसंपत्तियों के रखरखाव और संरक्षण में सुविधा मिलेगी तथा भविष्य की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी।