22.66 लाख के गबन का चौथा आरोपी छह माह बाद गिरफ्तार, पुलिस ने रायगढ़ से दबोचा

भारत फाइनेंशियल लिमिटेड सरायपाली शाखा में 22 लाख से अधिक की धोखाधड़ी का मामला, चारों आरोपी अब सलाखों के पीछे
महासमुंद। भारत फाइनेंशियल लिमिटेड की सरायपाली शाखा में 22.66 लाख रुपये के गबन एवं धोखाधड़ी के बहुचर्चित मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब छह माह से फरार चल रहे चौथे और अंतिम आरोपी को सरायपाली पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण एवं मोबाइल लोकेशन के आधार पर रायगढ़ से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में संलिप्त सभी चार आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 22 दिसंबर 2025 को भारत फाइनेंशियल लिमिटेड के अधिकारी हेमेन्द्र राजाराम जगबंधु ने थाना सरायपाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि कंपनी की सरायपाली शाखा में विभिन्न पदों पर कार्यरत चार कर्मचारियों ने मिलीभगत कर हितग्राहियों से वसूल की गई 22 लाख 66 हजार 645 रुपये की राशि कंपनी के खाते में जमा नहीं कर उसका गबन कर लिया। शिकायत के आधार पर सरायपाली थाने में धारा 316(5) एवं 3(5) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामला दर्ज होने की भनक लगते ही सभी आरोपी अपने-अपने ठिकानों से फरार हो गए थे। जांच के दौरान पुलिस ने पहले आरोपी शुभम पाणीग्राही को गिरफ्तार किया। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों और डेटा विश्लेषण के आधार पर रोहन प्रधान एवं प्रमोद महंत को 8 जून 2026 को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
इसी बीच फरार चल रहे अंतिम आरोपी दीपक कुमार चौहान (24 वर्ष) निवासी गोबरसिंहा, थाना बरमकेला, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ की तलाश लगातार जारी थी। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी से जुड़े एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की जानकारी मिली। मोबाइल लोकेशन और तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस टीम ने रायगढ़ में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।