अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर गरिमामय आयोजन

टाउन हॉल में जुटे सैकड़ों श्रमिक, अधिकारों और योजनाओं पर दी गई जानकारी
महासमुंद। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर शहर के श्यामा प्रसाद मुखर्जी टाउन हॉल में शुक्रवार को एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर रवि साहू सहित श्रम विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में श्रमिकों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में सफाई कर्मी, मिशन क्लीन सिटी से जुड़े श्रमिक, भूमिहीन किसान मजदूर सहित विभिन्न क्षेत्रों के श्रमिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने अधिकारों व योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
श्रमिक दिवस का इतिहास और महत्व बताया गया
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश एवं श्रम न्यायाधीश सुश्री संघपुष्पा भतपहरी ने अपने उद्बोधन में बताया कि अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस की शुरुआत 1 मई 1886 को अमेरिका में 8 घंटे कार्य समय की मांग को लेकर हुए आंदोलन से हुई थी। भारत में यह दिवस पहली बार वर्ष 1923 में चेन्नई में मनाया गया था, जिसकी शुरुआत कामरेड सिंगरावेलू चेटयार ने की थी।
श्रम कानूनों और वेतन संहिता की दी जानकारी
कार्यक्रम में वेतन संहिता 2019 के प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें न्यूनतम वेतन, समय पर भुगतान, बोनस, समान कार्य के लिए समान वेतन, ओवरटाइम, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी भी दी गई।
जनप्रतिनिधियों ने किया श्रमिकों का सम्मान
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए नगर पालिका उपाध्यक्ष देवी चंद राठी ने श्रमिकों को समाज और विकास की आधारशिला बताते हुए शासन की कल्याणकारी योजनाओं की सराहना की। टास्क फोर्स समिति सदस्य प्रेमशीला बघेल ने श्रमिकों के सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा अधिकारों पर बल दिया। वहीं श्रम पदाधिकारी डी.एन. पात्र ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया।
निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर और सामूहिक भोजन
इस अवसर पर श्रमिकों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें रक्तचाप सहित सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किए गए और आवश्यक परामर्श दिया गया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने श्रमिकों के साथ सामूहिक भोजन कर उनके योगदान का सम्मान किया। कार्यक्रम के माध्यम से श्रमिकों के अधिकारों, कल्याण योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।