जिला अस्पताल की बदहाली पर भड़के कांग्रेस नेता, व्यवस्थाओं पर उठाए गंभीर सवाल

पेयजल, दवाओं और जांच सुविधाओं की कमी उजागर
सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
महासमुंद। शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत चावला एवं शहर कांग्रेस पदाधिकारियों ने गुरुवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं और मरीजों की बदहाल स्थिति को देखकर कांग्रेस नेताओं ने गहरी नाराजगी जताई और अस्पताल प्रबंधन व प्रशासन पर जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
निरीक्षण में सामने आया कि अस्पताल में लगे वाटर कूलर शो-पीस बनकर रह गए हैं। भीषण गर्मी में मरीजों और उनके परिजनों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। इस पर चावला ने नाराजगी जताते हुए इसे अमानवीय स्थिति करार दिया और कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर पेयजल की व्यवस्था न होना प्रबंधन की संवेदनहीनता दर्शाता है।
अस्पताल में वेस्टर्न टॉयलेट की सुविधा के अभाव को भी गंभीर समस्या बताया गया। इससे बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, विशेषज्ञ रेडियोलॉजिस्ट का पद खाली होने के कारण पिछले चार महीनों से सोनोग्राफी मशीनें बंद पड़ी हैं, जिससे मरीजों को निजी जांच केंद्रों में 800 से 1500 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
इसके अलावा अस्पताल में दवाइयों की कमी के चलते मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। मेडिकल कॉलेज बनने के चार साल बाद भी सीटी स्कैन मशीन की व्यवस्था नहीं होना गंभीर चिंता का विषय बताया गया। इसके चलते गंभीर मरीजों को तत्काल रायपुर रेफर करना पड़ता है, जिससे उनकी जान को खतरा बना रहता है।
एम्बुलेंस के दुरुपयोग का आरोप
निरीक्षण के दौरान एम्बुलेंस के दुरुपयोग का मामला भी सामने आया। आरोप है कि एल्डरमैन निधि से मरीजों की सुविधा के लिए दी गई एम्बुलेंस का उपयोग सामान ढोने में किया जा रहा है। चावला ने इसे जनता के विश्वास के साथ धोखा बताया।
24 घंटे में सुधार नहीं तो आंदोलन
चावला ने सिविल सर्जन से मुलाकात कर तत्काल सुधार की मांग करते हुए 24 घंटे के भीतर वाटर कूलर ठीक करने, वेस्टर्न टॉयलेट की व्यवस्था करने, दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, सोनोग्राफी सेवाएं शुरू करने, सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध कराने और एम्बुलेंस के दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
3 वर्षीय बालक की मौत पर उठाए सवाल
निरीक्षण के दौरान हाल ही में 3 वर्षीय बालक की मौत के मामले को भी उठाया गया। चावला ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सवाल किया कि यदि बच्चे की हालत गंभीर थी, तो उसे समय पर रायपुर रेफर क्यों नहीं किया गया। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।