‘सुशासन तिहार’ सिर्फ नौटंकी, प्रदेश में कुशासन हावी: आलोक चंद्राकर
कांग्रेस नेता ने कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, बेरोजगारी और खाद संकट पर उठाए सवाल
महासमुंद। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संयुक्त महामंत्री आलोक चंद्राकर ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए 1 मई से शुरू हो रहे ‘सुशासन तिहार’ को महज दिखावा और नौटंकी करार दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुशासन नहीं, बल्कि कुशासन का माहौल है और ऐसे हालात में तिहार का आयोजन जनता के साथ मजाक है।
चंद्राकर ने आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में प्रशासन और अपराधियों की सांठगांठ के चलते प्रदेश में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं, युवतियों और मासूम बच्चियों के साथ अत्याचार की घटनाएं चिंताजनक रूप से बढ़ी हैं, वहीं अवैध गतिविधियां जैसे अफीम की खेती और चाकूबाजी आम होती जा रही हैं।
उन्होंने भीषण गर्मी और हीट वेव की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि डॉक्टरों की एडवाइजरी के बावजूद सरकार जमीनी हकीकत से दूर एसी कमरों में बैठकर फैसले ले रही है। ‘सुशासन तिहार’ के नाम पर कर्मचारियों और आम जनता को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि प्रदेश में महिलाएं केवाईसी के नाम पर परेशान हो रही हैं, वहीं किसान धान खरीदी के बाद अब खाद की कमी से जूझ रहे हैं। सरकार पर्याप्त भंडारण करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि गरीब परिवार आज भी 500 रुपये में गैस सिलेंडर मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए चंद्राकर ने कहा कि बच्चियां न सड़कों पर सुरक्षित हैं और न ही हॉस्टल व आश्रमों में। युवा बेरोजगारी से त्रस्त हैं, जबकि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं, बावजूद इसके सरकार आंखें मूंदे बैठी है।
