भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए जारी किए गए दिशा निर्देश

दंतेवाड़ा, 18 मार्च 2026। कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से जारी विज्ञप्ति अनुसार , ग्रीष्म ऋतु के आगमन के साथ बढ़ते तापमान को देखते हुए लू से बचाव हेतु विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है। भीषण गर्मी की स्थिति में सिर में भारीपन, तेज बुखार, मुंह सूखना, चक्कर, उल्टी, कमजोरी और शरीर का तापमान अधिक होने पर भी पसीना न आना लू के मुख्य लक्षण होते हैं।
अतः इस संबंध में जन साधारण को सलाह दी गई है कि धूप में ज्यादा देर रहने से शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है, जिससे बचाव के लिए आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और निकलते समय सिर व कान को कपड़े से ढंकें। अधिक मात्रा में पानी पिएं, सूती कपड़े पहनें और ओआरएस घोल, फल का रस. लस्सी या मट्ठा का सेवन करें। लू लगने पर प्रारंभिक उपचार के तौर पर पीड़ित के सिर पर ठंडे पानी की पट्टी लगाने, उसे पंखे के नीचे लिटाएं और शरीर पर ठंडे पानी का छिड़काव करें। इसके साथ ही कच्चे आम का पना और जलजीरा जैसे पेय पदार्थ पिलाना फायदेमंद होता है। इस संबंध में प्रारंभिक सलाह के लिए आरोग्य सेवा केंद्र के टोल फ्री नंबर 104 पर निःशुल्क परामर्श लिया जा सकता है। साथ ही ओआरएस पैकेट के लिए मितानिन या एएनएम से भी संपर्क कर सकते है। किसी भी आपात स्थिति में जिला सर्विलांस इकाई, महामारी नियंत्रण कक्ष या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र मंय तत्काल इलाज कराए जाए ताकि जनहानि को रोका जा सके।