रोजगार से आत्मनिर्भरता की राह पर महिलाएं, बावनकेरा में सशक्तिकरण की मिसाल

महासमुंद। ग्राम बावनकेरा में आयोजित महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम ने ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई तस्वीर पेश की। ग्राम पंचायत के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं ने रोजगार और स्वरोजगार के जरिए अपनी बदलती पहचान की प्रेरक कहानियां साझा कीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. एकता लंगेह ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाएं खुद को कमजोर न समझें, बल्कि अपने भीतर की ताकत पहचानकर परिवार और समाज को सशक्त बनाएं।
इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष दिशा रामस्वरूप दीवान, सभापति धनेश गायकवाड, सरपंच गोपाल सिंह ध्रुव, उपसरपंच द्रोण चंद्राकर, पूर्व सरपंच नीलिमा चंद्राकर सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में महिलाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत कम ब्याज दर पर ऋण लेकर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। ग्राम संगठन “दिव्या महिला समूह” की महिलाओं को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में तुलसी यादव, हिना सिन्हा, लता ध्रुव, राधिका, उर्मिला, सरस्वती, खुशबू और हेमवती यादव सहित कई महिलाओं ने योजनाओं और अपने अनुभवों पर खुलकर चर्चा की। अंत में छिनदौली की बालिकाओं ने छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया। यह कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ।