मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने “गौधाम योजना” का किया शुभारंभ, निराश्रित गौवंश को मिलेगा आश्रय
प्रत्येक विकासखंड में स्थापित होंगे गौधाम, मूलभूत सुविधाओं की होगी व्यवस्था
मोहला 16 मार्च 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम से राज्य में निराश्रित एवं घुमंतू गौवंश के संरक्षण और उनके समुचित व्यवस्थापन के उद्देश्य से “गौधाम योजना” का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिला कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां मुख्यमंत्री के विशेष संबोधन का लाइव प्रसारण देखा गया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की जा रही गौधाम योजना का उद्देश्य प्रदेश में बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि गोधन हमारी ग्रामीण संस्कृति, कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
जिला स्तरीय कार्यक्रम में कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर जीआर मरकाम, जिला स्तरीय गोधाम समिति के जिला अध्यक्ष चिंता राम नायक सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, पशुधन विकास विभाग के विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और पशुपालक किसान उपस्थित रहे।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। गौधाम योजना निराश्रित और घुमंतू गौवंश के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पशुपालकों और किसानों को भी लाभान्वित कर रही है। भारतीय संस्कृति और परंपरा में प्राचीन काल से ही गौ माता पूजनीय माना गया है। हमारे धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में गौ को माता का दर्जा दिया गया है और सदियों से समाज में गौ सेवा और गौ संरक्षण की परंपरा चली आ रही है।
कार्यक्रम के दौरान नक्सल प्रभावित 5 परिवार को सुकर त्रयी वितरण योजना से लाभान्वित किए जाने हेतु स्वीकृति आदेश प्रदाय किया गया । इस योजना के तहत प्रत्येक हितग्राही को उन्नत नस्ल के दो नर सुकर एवं एक मादा सुकर प्रदाय किया जाता है। टीकाकरण कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर पशु सखी को सम्मानित किया गया। साथ ही मादा वत्स पालन योजना के दो हितग्राहियों को स्वीकृति आदेश प्रदान किया गया। जिसमें प्रत्येक हितग्राही को 13 क्विंटल पशु आहार हेतु राशि प्रदाय की जाता हैं। कार्यक्रम में उपस्थित पशुपालकों को पशुपालन के लिए प्रोत्साहित किया गया तथा कृषि और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए आगे की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।
