नपा बोर से पानी की चोरी करते उपाध्यक्ष ने टैंकर पकड़ा, लाखों के राजस्व नुकसान का आरोप
बिना रसीद लाखों लीटर पानी चोरी, उच्च स्तरीय जांच और वसूली की मांग
महासमुंद। नगरपालिका के सरकारी बोर से पानी की अवैध चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। नगरपालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने बीटीआई रोड पर नाली और सड़क निर्माण कर रहे एक ठेकेदार के टैंकर को अवैध रूप से पानी भरते हुए पकड़ा है। आरोप है कि ठेकेदार बिना किसी अनुमति या रसीद के लाखों लीटर पानी ले जा रहा था।
उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने बताया कि उन्हें भलेसर रोड स्थित मुक्तिधाम के बोर से पानी चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के आधार पर, उन्होंने पार्षद पीयूष साहू के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की। वहां लगभग 15,000 लीटर क्षमता का एक टैंकर (जिस पर बेमेतरा लिखा था) बिना किसी वैध अनुमति या रसीद के पानी भरते हुए पाया गया। टैंकर चालक ने पूछताछ में कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने से इनकार कर दिया।
इस घटना के बाद, उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने नगरपालिका के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि मौके से ही जल प्रभारी दुर्गेश कुंजेकर से फोन पर बात करने पर, कुंजेकर ने किसी भी रसीद के कटने की जानकारी होने से इनकार कर दिया। मुख्य नगर पालिका अधिकारी अशोक सलामे ने भी इस मामले पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। राठी ने आरोप लगाया कि जल प्रभारी एक ओर वार्डों में आम जनता के नल काटने की कार्रवाई करते हैं और शादी-दशगात्र जैसे कार्यक्रमों के लिए 500 रुपये की रसीद मांगते हैं, वहीं दूसरी ओर ठेकेदार द्वारा की जा रही इस कथित चोरी पर मौन हैं। उपाध्यक्ष राठी के अनुसार, यह अवैध गतिविधि पिछले 4-5 महीनों से चल रही है।
उन्होंने अनुमान लगाया कि प्रतिदिन 4 से 5 बड़े टैंकर पानी निकाला जा रहा है। एक बड़े टैंकर के पानी की अनुमानित कीमत लगभग 1500 रुपये है। इस हिसाब से नगरपालिका को प्रतिदिन लगभग 6000 रुपये का और पिछले चार महीनों में लगभग 7 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। यही कारण है कि नगरपालिका घाटे में चल रही है और कर्मचारियों को वेतन के लिए तरसना पड़ रहा है। जांच के दौरान यह भी देखा गया कि टैंकर भरते समय हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा था। श्री राठी ने कहा कि एक तरफ हम ‘जल ही जीवन है’ का नारा देते हैं, वहीं दूसरी ओर मुक्तिधाम में चौकीदार होने के बावजूद यह अवैध काम महीनों से जारी है, जो किसी बड़े राजनीतिक षड्यंत्र या मिलीभगत की ओर इशारा करता है। उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने मांग की है कि सीएमओ तत्काल संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी करें। नगरपालिका अधिनियम के तहत ठेकेदार पर कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए।अब तक हुए आर्थिक नुकसान की शत- प्रतिशत वसूली ठेकेदार से की जाए। पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो ताकि संलिप्त अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके।
