धारा 163 (2) के अंतर्गत नशीले पदार्थों के विक्रय पर रोकथाम हेतु आदेश जारी

कोंडागांव, 09 मार्च 2026/ कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती नूपुर राशि पन्ना द्वारा धारा 163 (2) के अंतर्गत नशीले पदार्थों के विक्रय पर रोकथाम हेतु आदेश जारी किया गया है।
जारी आदेश में यह उल्लेख किया गया है कि कार्यालय पुलिस अधीक्षक द्वारा प्राप्त पत्र व विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से यह तथ्य प्रकाश में आया कि शहर में नाबालिकों/युवाओं द्वारा विभिन्न प्रकार के नशे (चरस, गांजा आदि) के सेवन हेतु रोलिंग पेपर, गोगो स्मोकिंग कोन एवं पर्फेक्ट रोल का चलन बढ़ गया है। मादक पदार्थ (चरस, गांजा आदि) को सुगमता से अपने साथ रखने, छुपाने व सेवन करने का सरल तरीका है। उक्त पदार्थ पान की दुकान, परचून, किराने व चाय की दुकानों से सहज उपलब्ध होने वाले स्थानों में विक्रय किया जाने लगा है, जिससे सरलता से नाबालिकों व युवाओं को उपलब्ध है। जिसके परिणामस्वरूप उनमें नशे की प्रवृत्ति तथा नशे में कारित आपराधिक गतिविधियों में वृद्धि परिलक्षित हो रही है, जो स्वयं व जनसामान्य के लिये गम्भीर खतरा बन सकता है। रोलिंग पेपर, गोगो स्मोकिंग कोन, पर्फेक्ट रोल के उपयोग की रोकथाम की दृष्टि से इसके पान की दुकान, परचून/किराने, व चाय की दुकानों, कैफे, रेस्टोरेंट जैसे सहज उपलब्ध स्थानों से विक्रय पर प्रतिबंधित किये जाने की तत्काल आवश्यकता प्रतीत हो रही है।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रदान की गई शक्तियों का प्रयोग करते हुये कोण्डागांव जिला में रोलिंग पेपर, गोगो स्मोकिंग कोन, पर्फेक्ट रोल के विक्रय से कानून एवं व्यवस्था तथा स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की स्थिति को रोकने व आमजन के जान-माल को आसन्न खतरा उत्पन्न होने की स्थिति को रोकने हेतु पान की दुकान, परचून/किराने व चाय की दुकानों, कैफे, रेस्टोरेंट जैसे सहज उपलब्ध स्थान से रोलिंग पेपर, गोगो स्मोकिंग कोन, पर्फेक्ट रोल के विक्रय को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाता है।
चूंकि उक्त आदेश को जन साधारण की सुविधा हेतु तत्काल प्रभावशील किया जाना आवश्यक हो गया है। समय अभाव के कारण यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (2) के अंतर्गत एक पक्षीय रूप से पारित किया जा रहा है। फिर भी यदि कोई भी व्यक्ति संस्था या पक्ष इस आदेश में कोई छूट या शिथिलता चाहे वो उसे अधोहस्ताक्षरकर्ता के सम्मुख विधियत् आवेदन करने का अधिकार होगा, जिस पर सम्यक सुनवाई एवं विचारोपरान्त समुचित आदेश पारित किये जायेंगे।
यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा एवं दिनांक 01 जून 2026 की मध्य रात्रि 12 बजे तक प्रभावशील रहेगा। इस आदेश अथवा इस आदेश के किसी अंश का उल्लंघन करना यथास्थिति अन्य अधिनियमों के साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है।