भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, मुंबई ने योगेश्वर चन्द्राकर को कृषि नवाचार के लिए किया सम्मानित

संजीवनी राईस के उन्नत उत्पादन और परमाणु तकनीक आधारित बीज अनुसंधान में उल्लेखनीय योगदान
महासमुंद। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, मुंबई द्वारा कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रगतिशील किसान योगेश्वर चंद्राकर को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें विशेष रूप से संजीवनी राईस के उत्पादन और उन्नत बीज अनुसंधान में उनके कार्यों के लिए प्रदान किया गया।
संजीवनी राईस एक विशेष धान किस्म है, जिसमें कैंसर-रोधी गुण पाए जाने का दावा किया जाता है। आधुनिक जीवनशैली, असंतुलित खानपान और रासायनिक पदार्थों के बढ़ते उपयोग के कारण कैंसर जैसी बीमारियों के बढ़ते खतरे के बीच यह धान किस्म स्वास्थ्य के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके नियमित सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद मिलती है। कोरोना काल के दौरान भी इस पर हुए शोध के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
कार्यक्रम के दौरान योगेश्वर चन्द्राकर ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसानों को संजीवनी राईस की खेती, उर्वरक प्रबंधन और कीट नियंत्रण के प्रभावी तरीकों की जानकारी दी।
इस अवसर पर बीएआरसी के निदेशक डॉ. पी. ए. हसन ने संजीवनी राईस के औषधीय गुण, ग्लाइसेमिक इंडेक्स, सेवन की सही मात्रा और इसे दैनिक आहार में शामिल करने के तरीकों पर विस्तार से जानकारी साझा की।
वहीं वैज्ञानिक डॉ. दीपक शर्मा ने बताया कि किस प्रकार परमाणु और लेजर तकनीक के उपयोग से बीजों को संकरित कर उनकी उत्पादन क्षमता, ऊँचाई, रोग प्रतिरोधकता और प्राकृतिक परिस्थितियों के प्रति सहनशीलता बढ़ाई जा रही है।
कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति गिरीश चंदेल ने विभाग द्वारा विकसित उन्नत धान किस्मों विक्रम टीसीआर, टीसीएमव्ही, टीसीडीएम-1 और बौना लुचई की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में कृषि उत्पादन आयुक्त सलहा निगार ने किसानों को छत्तीसगढ़ के पारिस्थितिक वातावरण और कृषि संभावनाओं से अवगत कराया। साथ ही प्रगतिशील किसानों को प्रशस्तिपत्र और स्मृति चिन्ह वितरित किए गए तथा उन्नत किस्म के बीज भी प्रदान किए गए। यह सम्मान न केवल योगेश्वर चन्द्राकर के प्रयासों की सराहना है, बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।