अपर कलेक्टरों के मध्य कार्यों का नया विभाजन

अभिषेक अग्रवाल कबीरधाम स्थानांतरित, श्रीमती देवांगन और सिंग को मिलीं महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
दुर्ग, 25 फरवरी 2026/ कलेक्टर अभिजीत सिंह ने नवीनतम आदेश के अनुसार, अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर जिला दुर्ग को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कबीरधाम के पद पर स्थानांतरित किए जाने के कारण जिले में पदस्थ अपर कलेक्टरों के मध्य कार्य विभाजन में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं । कलेक्टर सिंह द्वारा जारी यह आदेश प्रशासनिक दृष्टिकोण से पूर्व के समस्त आदेशों को अधिक्रमित करते हुए तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन (रा.प्र.से.) को न्यायालय अपर कलेक्टर दुर्ग (अनुभाग धमधा व पाटन हेतु) का प्रभार सौंपा गया है, जिसके तहत वे इन अनुभागों के छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता से संबंधित अपील, पुनरीक्षण एवं पुनर्विलोकन प्रकरणों का निराकरण करेंगी। इसके अलावा उन्हें जिले के अंतर्गत नजूल प्रकरणों के अपील और पुनरीक्षण हेतु कलेक्टर की शक्तियों के उपयोग का दायित्व मिला है, जिसमें प्रत्येक दसवां प्रकरण कलेक्टर न्यायालय को अंतरित किया जाएगा। श्रीमती देवांगन को तहसील दुर्ग, भिलाई-3, धमधा और पाटन के अवैध उत्खनन प्रकरणों का निराकरण, शासकीय कर्मचारियों के वारिसान प्रमाण पत्र जारी करने, 2500 रुपये तक के भवन किराया निर्धारण और 5000 रुपये तक के अनुपयोगी डेड स्टॉक को अपलेखन करने का अधिकार दिया गया है। साथ ही, 2000 रुपये तक की चोरी हुई सामग्री के अपलेखन, 20,000 रुपये तक के आवर्ती व्यय (उप जिलाध्यक्ष एवं तहसीलदारों के यात्रा भत्ता व औषधि देयक), सेवानिवृत्त तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के परिवार कल्याण निधि, समूह बीमा, ग्रेच्युटी एवं जीपीएफ/डीपीएफ भुगतान का कार्य भी सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त वे शासकीय वाहनों के टायर, ट्यूब, बैटरी क्रय, टेलीफोन, विद्युत, पी.ओ.एल. मरम्मत व्यय की स्वीकृति, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के यात्रा व चिकित्सा देयकों की स्वीकृति तथा अधिकतम 60 दिन के अवकाश की स्वीकृति प्रदान करेंगी। श्रीमती देवांगन को सक्षम प्राधिकारी नगर भूमि सीमा, सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्रथम अपील, नजूल एवं नजूल जांच प्रकरणों का अंतिम निराकरण (भूमि आवंटन छोड़कर), हुडको भिलाई से संबंधित समस्त नस्तियों का निराकरण व अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने, और 4000 वर्गफुट तक के नजूल पट्टे के नवीनीकरण का दायित्व दिया गया है।
अपर कलेक्टर श्रीमती देवांगन स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग, चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति शासकीय महाविद्यालय कचान्दूर, नशा मुक्ति अभियान, चिटफंड शाखा, ई-ऑफिस, कॉल सेंटर और माननीय मुख्यमंत्री/मुख्य सचिव की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हेतु नोडल अधिकारी होंगी । वे शिकायत शाखा, पी.जी.एन. आवेदनों का निराकरण, विभागीय जांच, जिला विवाह अधिकारी, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, 20 सूत्रीय, 15 सूत्रीय एवं अल्पसंख्यक आयोग, रविशंकर स्टेडियम/मानस भवन सचिव, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, आवास आवंटन, शिकायत एवं सतर्कता, जिला जनदर्शन, पी.जी. पोर्टल, लोक सुराज अभियान, शपथ पत्र सत्यापन, ऋण मुक्ति अधिनियम 1976, इंग्लिश मीडियम स्कूल, दिव्यांगजन शिकायत निवारण और भिलाई स्टील प्लांट से संबंधित मुद्दों का निराकरण करेंगी। उनके माध्यम से अधीक्षक/वित्त स्थापना, पेंशन, भू-अर्जन, नजूल जांच, जिला नाजिर, वरिष्ठ लिपिक-1, 2, 3, प्रपत्र एवं लेखन सामग्री, लाइब्रेरी, चिप्स, चॉइस सेंटर, स्वान परियोजना, सेवोत्तम अभियान, कौशल विकास, वेब इंफॉर्मेशन मैनेजर, सीएसआर मद, स्वेच्छानुदान, जनसंपर्क, मुख्यमंत्री सहायता, संजीवनी कोष, सी.एम. घोषणा, प्रेषक, मुद्रलेखन, मुख्य प्रतिलिपि, जिला कोषालय, अल्प बचत, खनिज शाखा, जिला योजना मंडल, जवाहर नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय, शिक्षा का अधिकार (आरटीई), नेहरू युवा केंद्र, खेल विभाग, आदिम जाति कल्याण, अंत्यावसायी, पिछड़ा वर्ग विकास निगम, महिला एवं बाल विकास, और श्रम विभाग की नस्तियां कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएंगी। इसके साथ ही श्रीमती संगीता समय-समय पर कलेक्टर द्वारा दिए जाने वाले दायित्वों का पालन करेंगी।
इसी क्रम में, अपर कलेक्टर वीरेन्द्र सिंग (रा.प्र.से.) को अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) जिला दुर्ग के न्यायालयीन कार्यों का प्रभार सौंपा गया है। उन्हें न्यायालय अपर कलेक्टर दुर्ग के रूप में अनुभाग दुर्ग एवं भिलाई-3 के भू-राजस्व संहिता से संबंधित प्रकरणों का निपटारे का दायित्व दिया गया है। सिंग को जिला जनगणना अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी (सामान्य एवं स्थानीय निर्वाचन), और परिसीमन (पंचायत व नगरीय निकाय) का दायित्व सौंपा गया है। अपर कलेक्टर सिंग विधानसभा प्रश्नों की जानकारी भेजने, प्राकृतिक आपदा प्रकरणों (आरबीसी 6-4) का निराकरण, बायोमैट्रिक सिस्टम स्थापना, सड़क मरम्मत पर्यवेक्षण, उद्यानिकी विभाग, छ.ग. रजत महोत्सव और रोस्टर के अनुसार तहसीलों/जनपद कार्यालयों के निरीक्षण का कार्य करेंगे। उन्हें शस्त्र लाइसेंसों के नवीनीकरण, शस्त्र अनुज्ञप्ति प्रविष्टियों के सत्यापन, अस्थायी पटाखा लाइसेंस, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, धान उपार्जन, कस्टम मिलिंग, एग्रीस्ट्रेक परियोजना, डिजिटल क्रॉप सर्वे, वेटलैंड सर्वे, वन भूमि सत्यापन, पी.डी.एस., पासपोर्ट शाखा, भू-बंटन और भाड़ा नियंत्रक का प्रभार भी सौंपा गया है।
अपर कलेक्टर सिंग के माध्यम से सामान्य शाखा, सांख्यिकी लिपिक, सिविल सूट, राजस्व मोहर्रिर, प्रोटोकॉल, भू-अभिलेख, डायवर्सन, लाइसेंस, जनगणना, काउंटर शाखा, मानव अधिकार आयोग, नागरिकता प्रमाण पत्र, व्यापम एवं परीक्षा प्रभारी, छत्तीसगढ़ आवास सॉफ्टवेयर, भवन नियमितीकरण, राजस्व एवं आंग्ल अभिलेखागार, राजस्व लेखा, बाढ़ राहत, सूखा राहत, कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण, पर्यावरण अद्योसंरचना, नगरीय निकाय (डूंडा), और राजीव गांधी आश्रय योजना/पट्टाधृति अधिनियम के प्रकरणों की नस्तियां कलेक्टर के समक्ष पेश की जाएंगी। इसके अलावा वे खाद्य शाखा, जेल, होमगार्ड, सैनिक कल्याण बोर्ड, सहकारिता और आबकारी विभाग की फाइलों का भी समन्वय करेंगे तथा समय-समय पर कलेक्टर सिंह द्वारा दिए गए दायित्वों का पालन करेंगे। अपर कलेक्टरों हेतु लिंक अधिकारी भी नियुक्त किये गए है, जिसके अनुसार अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन के लिंक अधिकारी अपर कलेक्टर वीरेन्द्र सिंग और अपर कलेक्टर वीरेन्द्र सिंग के लिंक अधिकारी अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन होंगी।