सटीक जानकारी के साथ जनगणना के कार्य को समय-सीमा में पूर्ण कराना हम सभी की जिम्मेदारी : कलेक्टर
मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना हेतु जिला स्तरीय प्रशिक्षण को कलेक्टर ने किया संबोधित
जनगणना निदेशालय के राष्ट्रीय प्रशिक्षक ने दिया प्रशिक्षण
कोरबा, 25 फरवरी 2026/ भारत सरकार के निर्देशानुसार जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के लिए जिले में जिला स्तरीय प्रशिक्षण का शुभारंभ आज से हो गया। प्रारंभिक सत्र को कलेक्टर कुणाल दुदावत ने संबोधित किया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी अधिकारियों से कहा कि जनगणना अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है, इसलिए इसे गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ सटीक जानकारी के आधार पर समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।
कलेक्टर दुदावत ने कहा कि जनगणना कार्य से जुड़े सभी दिशा-निर्देश लिखित रूप में उपलब्ध हैं और प्रशिक्षण के दौरान चरणबद्ध तरीके से पूरी जानकारी दी जा रही है। जनगणना 2027 को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के लिए प्रशिक्षण, डेटा संग्रहण और कलेक्शन सहित सभी प्रक्रियाओं के लिए तय समय-सीमा का पालन अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जितना बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त होगा, फील्ड में कार्य उतना ही सहज और प्रभावी होगा। सभी से टीमवर्क के साथ कार्य करने और हर घर तक पहुँचकर सही एवं सटीक जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस प्रशिक्षण में कलेक्टर ने अधिकारियों को राष्ट्रीय प्रशिक्षक द्वारा दी जा रही जानकारी को गंभीरता से समझने पर जोर देते हुए कहा कि जनगणना के दौरान ऐप में जानकारी सही प्रविष्ट हो तथा फील्ड में सरपंच, सचिवों और ग्रामीणों तक यह जानकारी जरूर पहुँचे कि जनगणना से जुटाई गई जानकारी का किसी योजना की पात्रतादृअपात्रता से कोई लेना-देना नहीं है। इससे किसी की पात्रता निर्धारण नहीं होगा। जनगणना के दौरान संग्रहित किसी के व्यक्तिगत डेटा को बाहर किसी और को साझा भी नहीं किया जा सकता।
जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग ने भी सभी से आग्रह किया कि प्रशिक्षण में दी जा रही प्रत्येक जानकारी को ध्यानपूर्वक ग्रहण कर फील्ड में दक्षता के साथ लागू करें।
जनगणना निदेशालय के संयुक्त निदेशक एवं राष्ट्रीय प्रशिक्षक अशोक मिश्रा ने अधिकारियों को जनगणना 2027 के प्रथम और द्वितीय चरण से संबंधित विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने जनगणना परिचय, जनगणना पदाधिकारियों की भूमिका एवं कानूनी प्रावधान, कोष प्रबंधन, जनशक्ति एवं प्रचार गतिविधियाँ, जनगणना की आधारभूत संरचना, प्रक्रियाएँ, अवधारणाएँ एवं परिभाषाएँ, सीएमएमएस मॉड्यूल तथा उपयोगकर्ता पंजीकरण सहित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।
राष्ट्रीय प्रशिक्षक ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान संग्रहित किसी भी तथ्य को बाहर साझा नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि जनगणना के लिए प्रगणक हेतु अलग मोबाइल ऐप और आम नागरिकों के लिए अलग ऐप उपलब्ध होगा। प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे और मोबाइल ऐप में डेटा प्रविष्ट करेंगे। नागरिकों द्वारा मोबाइल ऐप में भरी गई जानकारी तब तक मान्य नहीं होगी, जब तक अधिकृत प्रगणक द्वारा उसका सत्यापन नहीं किया जाता।
उन्होंने यह भी बताया कि जनगणना 2027 के दौरान अधिकृत वेबसाइट पर क्षेत्रवार प्रगणकों की जानकारी-पता एवं मोबाइल नंबर सहित-उपलब्ध होगी। साथ ही एआई चैटबॉट के माध्यम से नागरिक अपनी शंकाओं का समाधान भी प्राप्त कर सकेंगे। छत्तीसगढ़ में प्रथम चरण की जनगणना 1 मई से 30 मई 2026 तक संचालित होगी, जिस दौरान मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जाएगी। संपूर्ण प्रक्रिया 28 फरवरी 2027 तक पूर्ण की जाएगी। राष्ट्रीय प्रशिक्षक ने फील्ड पर जानकारी एकत्र करने, इस दौरान आने वाली समस्याओं एवं उनके समाधान के विषय में भी जानकारी दी। उन्होंने जनगणना के दौरान मकान की गणना के लिए निर्धारित मापदंड, परिवार की परिभाषा, जनगणना के फायदे, मकानों में नम्बरिंग, चार्ज अधिकारियों के अधिकार व दायित्वों के बारे में बताया। जनगणना में मानव संसाधन के रूप में प्रगणक 2353, रिज़र्व 246, पर्यवेक्षक 402 तथा रिज़र्व 52, फील्ड ट्रेनर 53 की आवश्यकता होगी।
इस अवसर पर नोडल अधिकारी एवं अपर कलेक्टर ओंकार यादव, उप संचालक मोहन सिंह कँवर, जिला योजना एवं सांख्यिकी अधिकारी, जिला एनआईसी अधिकारी हेमंत जायसवाल तथा चार्ज अधिकारी के रूप में उपस्थित तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार मौजूद रहे।
