असाक्षरों को साक्षर करने स्वयंसेवी शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण

महासमुंद।’ उल्लास’ नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत असाक्षरों को साक्षर करने हेतु स्वयंसेवी शिक्षकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विकासखंड बागबाहरा को पांच जोन -बागबाहरा, गांजर, लुकुपाली, तुसदा व खल्लारी में बाँट कर वहां के चिन्हांकित स्वयंसेवी शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के प्रारंभिक सत्र में नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की पृष्ठभूमि, उद्देश्यों तथा महत्व की जानकारी दी गई। पश्चात विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा शिक्षण की नवाचार पूर्ण पद्धतियाँ, खेल आधारित शिक्षा तथा स्थानीय स्तर पर साक्षरता अभियान को प्रभावी बनाने के उपायों पर चर्चा की गई। दोपहर के सत्र में शिक्षार्थियों को पढ़ने हेतु प्रेरित करने की तकनीकों तथा साक्षरता अभियान की रूपरेखा से अवगत कराया गया। स्वयंसेवी शिक्षकों ने भी अपने अनुभव साझा किए और साक्षरता मिशन से जुड़ी चुनौतियों के समाधान पर विचार विमर्श किया। प्रशिक्षण का निरीक्षण जिला साक्षरता नोडल अधिकारी एपीसी श्रीमती संपा बोस ने किया । उन्होंने संदेश दिया कि स्वयंसेवी शिक्षक की भूमिका केवल सिखाने तक ही नहीं है बल्कि समाज में साक्षरता का वातावरण निर्माण करना भी उनका कर्तव्य है । यह उनके ज्ञान और कौशल को बढ़ाते हैं और समाज सेवा की भावना को सुदृढ़ करते हैं। अंत में अपने जिले को पूर्ण साक्षर करने हेतु सभी स्वयंसेवी शिक्षकों ने शपथ ली ।
प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स के रूप में श्रीमती आर. चंद्राकर, श्रीमती वी. पटेल , अमित कुमार उइके, पवन साहू, गजानंद दीवान, श्रीमती फुलेश्वरी दीवान, श्रीमती गीता साहू, रामचरण ध्रुव, दीपा महार व गोविंद चौधरी उपस्थित थे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में वि . खं. शिक्षा अधिकारी के. के. वर्मा, एबीईओ रामता डे , बीआरसीसी भूपेश्वरी साहू व संकुल समन्वयकों का सहयोग रहा।