अधिकारी-कर्मचारियों ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन

मोदी की गारंटी के अनुसार 2019 से महंगाई भत्ता का एरियर्स देने की मांग
महासमुंद। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले आंदोलन में जिले के समस्त शासकीय अधिकारी, शिक्षक व कर्मचारी (आई एएस को छोड़कर) शामिल रहे। जिससे आज कलेक्टोरेट सहित सभी शासकीय कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा।बिना अधिकारी व कर्मचारी के दफ्तर खुला तो रहा लेकिन कामकाज ठप्प रहा और काम से पहुंचने वाले लोग भटकते रहे।
लोहिया चौक में शुक्रवार को 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जिले के अधिकारी व कर्मचारियों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया और रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। मालूम हो कि इससे पहले कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने मांगों को लेकर 16 जुलाई को आंदोलन के पहले चरण में ‘कलम रख, मशाल उठा’ प्रदर्शन किया था। फेडरेशन का कहना है कि यदि मांगें नहीं मानी गयी तो आगामी दिनों में अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के जिला संयोजक टेकराम सेन, जिला सह संयोजक रेखराज शर्मा, संरक्षकगण प्रमोद तिवारी, उमेश भारती गोस्वामी, सतीश नायर ने बताया कि प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा के नेतृत्व में कर्मचारी अधिकारी आज प्रांत व्यापी प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ हल्ला बोल प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि मोदी की गारंटी के अनुसार 2019 से महंगाई भत्ता का एरियर्स नहीं दिया गया है। इसी प्रकार पिंगुवा कमेटी को सार्वजनिक नहीं करना, चार स्तरीय पदोन्नत समयमान, सहायक शिक्षक एवं पशु चिकित्सा अधिकारी को तृतीय समयमान, अनुकंपा नियुक्ति नि:शर्त लागू करना। मप्र की भांति छग में 240 दिन के स्थान पर 300 दिन किया जाना। सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष, समस्त कार्यभारित, संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण सहित अन्य प्रमुख मांगों को लेकर कर्मचारी आंदोलित हैं। लेकिन, हमारी जायज हक 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता देकर सरकार वाहवाही लूट रही है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के द्वितीय चरण में 22 अगस्त को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन किया गया है। यदि आगामी दिनों में हमारी मांगें नहीं मानी गयी तो फेडरेशन अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
सरकारी दफ्तरों में छाई रही बिरानी
बता दें कि लोहिया चौक में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले चल रहे आंदोलन में जिले के समस्त शासकीय अधिकारी, शिक्षक व कर्मचारी (आई एएस को छोड़कर) शामिल हैं। जिससे आज कलेक्टोरेट सहित सभी शासकीय कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। दफ्तर बिना अधिकारी व कर्मचारी के खुला तो रहा लेकिन कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा। जिससे आम जनों को सरकारी काम-काज के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा।