किसानों को अच्छी बारिश का इंतज़ार, खेत सूखे

महासमुंद 25 जून 2025। किसानों को रोपा के लिए अच्छी बारिश का इंतज़ार में है। आज दिन भर आसमान में काले बादल छाए रहे। और उमस भरा रहा। शाम को कुछ पल के लिए बारिश की बौछार हुई। मौसम विभाग ने आगामी दो – तीन दिनों में अच्छी बारिश की संभावना जताई है। किसान सप्ताह भर से खरीफ फसल के लिए मुसला धार बारिश की आस लगाए बैठे हैं। बारिश को लेकर मौसम विभाग का अनुमान अगर सही रहा तो यह किसानों के लिए राहत भरी होगी। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 26 जून से प्रदेश में व्यापक वर्षा होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर अंधड़ चलने तथा वज्रपात की चेतावनी भी दी गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण मध्य उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग में स्थित है तथा यह 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। एक द्रोणिका मध्य उत्तरप्रदेश के दक्षिणी भाग से उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक उत्तर पूर्व मध्य प्रदेश, झारखंड, उत्तर ओडिशा तक स्थित है तथा यह 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी, तटीय आंध्रप्रदेश से दूर तथा दक्षिण ओडिशा तट के ऊपर 5.8 किलोमीटर से 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है जिससे दो -तीन दिन प्रदेश में अच्छी बारिश हो सकती है।
पिछले दिनों जिले में रूक – रूक कर हुई मध्यम बारिश ने गर्मी और उमस से परेशान लोगों राहत दी है। लेकिन, कृषि कार्य के लिए किसानों को अभी मुसला धार बारिश जरूरी है। जिले के लगभग 25 से 30 प्रतिशत किसान खुर्रा बोनी कर चुके हैं लेकिन अधिकांश किसान रोपा लगाते हैं इसके लिए खेतों में भरपूर पानी होना चाहिए। इस दफे अब तक जिले के कुछ तहसील में एकाध बार ही तेज बारिश हुई है जो किसानों के किए पर्याप्त नहीं है। बारिश न होने से किसान परेशान हैं।
मिली जानकारी के अनुसार मानसून की रफ्तार बेहद धीमी हो चुकी है। जहां एक सप्ताह पहले जिले में 18 जून तक 20.8 मिमी बारिश हुई थी वहीं पिछले 24 घंटे पहले तक मात्र 61.7 मिमी बारिश हुई है, एक सप्ताह में मात्र 40.9 मिमी बारिश हुई। एक जून से अभी तक जिले में सबसे अधिक बागबाहरा तहसील में 77.4 मिमी, महासमुंद में 78 मिमी, सरायपाली में 64.8 मिमी , कोमाखान में 51.2 , बसना में 50 मिमी और सबसे कम पिथौरा तहसील में 48.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है।