स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कलेक्टर ने ली बैठक, योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के निर्देश
दंतेवाड़ा, 20 जून 2025। स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने एवं राज्य व केंद्र सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य योजनाओं को आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने के उद्देश्य से कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले के चारों विकास खंडों दंतेवाड़ा, गीदम, कटेकल्याण एवं कुआकोंडा में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसमें आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड पंजीयन, सियान-जतन योजना, सिकल सेल एनीमिया की जांच, क्षय (टीबी) नियंत्रण कार्यक्रम, मलेरिया उन्मूलन, पोषण पुनर्वास केंद्र, नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेट, मोतियाबिंद ऑपरेशन, जन औषधि केंद्र, गैर-संचारी रोग नियंत्रण, सुरक्षित मातृत्व अभियान, नेक्स्ट जेन कार्यक्रम समेत अनेक योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर द्वारा समीक्षा बैठक के दौरान जिस विकासखंड में राष्ट्रीय कार्यक्रमों के लक्ष्य के विरुद्ध प्रगति को अपेक्षित नहीं पाया उनके सभी ब्लॉक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे सभी लंबित कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण कर योजनाओं का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करें। उन्होंने कहा कि “सरकार की मंशा के अनुरूप स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए, और यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि कोई भी नागरिक इन योजनाओं से वंचित न रहे।” कलेक्टर दुदावत ने कहा कि गर्भवती माताओं के लिए प्रसव की सुरक्षित और संस्थागत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि माँ और नवजात दोनों की सुरक्षा हो सके। उन्होंने योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के साधनों का वितरण सुनिश्चित करने, शिशु मृत्यु की समय-समय पर समीक्षा करने और राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय शिविरों में शत-प्रतिशत सेवा प्रदायगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बरसात के मौसम को देखते हुए कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मलेरिया, डेंगू, वायरल बुखार जैसी मौसमी बीमारियों से निपटने हेतु सभी तैयारी समय से पूर्ण करने को कहा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को सभी आवश्यक दवाओं, टेस्ट किट्स, व अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान कलेक्टर ने सभी शासकीय स्कूलों और आश्रम-छात्रावासों में बच्चों की आई-टेस्ट सहित स्वास्थ्य जांच नियमित रूप से करने का निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों की प्रारंभिक अवस्था में ही स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान कर उनका समय पर इलाज सुनिश्चित किया जाए। इस बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय रामटेके, सिविल सर्जन डॉ. अभय तोमर, जिले एवं ब्लॉक स्तर के चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
