तमिलनाडु में बंधक बनाए गए महासमुंद के चार श्रमिक मुक्त
स्थानीय प्रशासन के समन्वय से रेस्क्यू; जल्द लौटेंगे महासमुंद
महासमुंद। जिले के सरायपाली तहसील अंतर्गत ग्राम बरिहापाली के श्रमिकों को तमिलनाडु में बंधक बनाए जाने की शिकायत पर जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें सुरक्षित मुक्त करा लिया है। गुरुवार शाम करीब 5 बजे रेस्क्यू टीम और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से श्रमिकों को बंधन से मुक्त कराया गया। प्रशासनिक एवं कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनके देर रात अथवा शुक्रवार को महासमुंद के लिए रवाना होने की संभावना है। परसों तक उनके जिले में पहुंचने की उम्मीद है।
पत्नी की शिकायत पर प्रशासन ने दिखाई तत्परता
जानकारी के अनुसार बरिहापाली के पुनीत राम यादव (65) सहित उनके परिवार के सदस्य रोजगार के लिए तमिलनाडु के नमक्कल जिले के परामती वेलुर तहसील अंतर्गत ग्राम परिवेसोलीपालयम गए थे। वहां काम करने के दौरान श्रमिकों को कार्य पसंद नहीं आया और वे वापस गांव लौटना चाहते थे। आरोप है कि ठेकेदार ने उन्हें वापस भेजने से इनकार कर दिया, जिसके बाद परिजनों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई।
पुनीत राम यादव की पत्नी मीना यादव ने सरायपाली एसडीएम मनोज कुमार खांडे के समक्ष आवेदन देकर अपने पति और अन्य श्रमिकों को वापस लाने की मांग की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू की।
कलेक्टर ने गठित की रेस्क्यू टीम
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विनय लंगेह के निर्देश पर श्रमिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए टीम गठित कर तमिलनाडु भेजी गई। टीम ने स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित कर आवश्यक प्रशासनिक एवं कानूनी प्रक्रिया पूरी की और श्रमिकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित की। रेस्क्यू टीम में सरायपाली नायब तहसीलदार हरि प्रसाद भोई, लेबर इंस्पेक्टर टीकम चंद्राकर, कांस्टेबल हेमंत भोई एवं गायत्री कंवर शामिल रहे।
वापसी की तैयारियां जारी
श्रम पदाधिकारी डीएन पात्र ने बताया कि श्रमिकों को तमिलनाडु के वेलुर तहसील क्षेत्र में मुक्त करा लिया गया है। मौके पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद श्रमिकों के महासमुंद रवाना होने की संभावना है। प्रशासन उनकी सुरक्षित वापसी के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कर रहा है।
