पानी में कीटनाशक मिलाकर चीतल और करंट से सुअर का शिकार, तीन गिरफ्तार
महासमुंद। शिकार करने के नियत से जंगल में गड्ढा खोदा कर पानी में ज़हर मिला पानी पीने से चीतल की मौत और खपराखोल जंगल में करंट बिछाकर जंगली सुअर का शिकार करने वाले तीन लोगों के खिलाफ वन विभाग ने वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर जुडिशियल रिमांड पर जेल भेजा है।
महासमुंद जिले के पिथौरा वन परिक्षेत्र के बुंदेली के जंगल में शिकार करने के उद्देश्य से गड्ढा खोदकर कीटनाशक दवा मिलाने से चीतल की मौत हो गई। वहीं एक दूसरे मामले में खपराखोल जंगल में करंट बिछाकर जंगली सुअर का शिकार करने वाले लोगों को वन विभाग ने गिरफ्तार किया है। विभाग ने तीनों आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1977 की धारा 9,50,51 के तहत अपराध दर्ज कर कोर्ट में पेश किया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम बुंदेली निवासी कदर गोंड़ (53) ने अपने खेत में एक छोटा सा गड्ढा बनाकर उसमें सोलर ट्यूबवेल से पानी भरा और उसमें कीटनाशक दवा मिला दी। भरी गर्मी में पानी की तलाश में एक मादा चीतल गड्ढे तक जा पहुंचा और उसका पानी पीने के बाद चीतल की मौत हो गई। उसी गड्ढे से पानी पीने से एक बैल की भी मौत हो गयी। प्रभारी रेंजर सालिकराम डड़सेना ने बताया कि आरोपी के खेत में कोई फसल नहीं लगी थी और यह गड्ढा केवल शिकार के उद्देश्य से तैयार किया गया था। चीतल और बैल की मौत की सूचना पर मामले की जांच के बाद कदर गोंड को गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरी घटना के विषय में प्रभारी वन परिक्षेत्र अधिकारी सालिकराम डड़सेना ने बताया कि उन्हें मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि कुछ व्यक्तियों द्वारा जंगल से लगे खेतों में करंट फैलाकर जंगली जानवरों का शिकार किया जा रहा है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में सामने आया कि ग्राम खपराखोल निवासी भारत तेली, यशवंत ठाकुर व अन्य ने खेत में बिजली के नंगे तार बिछाए और उनमें करंट प्रवाहित कर दिया। इसी करंट की चपेट में आकर एक जंगली सुअर की मौके पर ही मौत हो गई। वन विभाग ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं इस शिकार कांड में संलिप्त अन्य आरोपी अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। बता दें कि
सप्ताहभर में तीन चीतल और एक जंगली सुअर की मौत
गौरतलब है कि वन परिक्षेत्र पिथौरा में पिछले एक सप्ताह के अंदर गिरना, बुंदेली, भिथीडीह और खपराखोल के जंगलों में कुल तीन चीतल और एक जंगली सुअर की मौत हो चुकी है।
