महाप्रभु वल्लभाचार्य भक्ति मार्ग से ज्ञान प्राप्त करने के पक्षधर थे: अमृत
महाविद्यालय में महाप्रभु वल्लभाचार्य जयंती पर पूजन
महासमुंद। शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य महाविद्यालय में गुरुवार को अलुमनी समिति द्वारा महाप्रभु वल्लभाचार्य जयंती पर पूजन का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर प्राचार्य करुणा दुबे ने कहा कि महाप्रभु वल्लभाचार्य पुष्टिमार्ग के जनक माने जाते हैं एवं कृष्ण के उपासक थे। महाविद्यालय में महाप्रभु वल्लभाचार्य विराजित हैं, जो विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। अध्यक्ष अमृत चोपड़ा ने कहा कि हमारे लिए यह गौरव की बात है कि महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मस्थली चंपारण्य छत्तीसगढ़ में है और हमारा महाविद्यालय महाप्रभु वल्लभाचार्य के नाम से है। महाप्रभु वल्लभाचार्य भक्ति मार्ग से ज्ञान प्राप्त करने के पक्षधर थे, उनका मानना था कि भक्ति ईश्वर के अनुग्रह एवं कृपा से आएगा। पूजन पश्चात अमृत चोपड़ा, राजकुमार राठौर, दाऊलाल चंद्राकर एवं महाविद्यालय परिवार द्वारा कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले मे अपने प्रियजन को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी।
पूजन कार्यक्रम में अलुमनी समिति के पदाधिकारी राजकुमार राठौर उपाध्यक्ष, सचिव डॉ. दुर्गावती भारतीय, अजय कुमार राजा कोषाध्यक्ष, गुलाब सेन एवं महाविद्यालय में कार्यरत अलुमनी सदस्यों एसआर रात्रे, मनोज शर्मा, गेश्वर दीवान, डॉ. जीवन चंद्राकर, परवीन करीम, डाँ. जागृति चंद्राकर, मुकेश, विजय, कपिल, रोहित, चितेश्वरी, प्रकाशमणि का सहयोग रहा। इस अवसर पर डॉ. ईपी चेलक, डॉ. नीलम अग्रवाल, डॉ आरके अग्रवाल, प्रदीप कन्हेर, मनीराम धीवर, राजेश्वरी सोनी, सरस्वती सेठ, दिलीप बढ़ई, डॉ अजय कुमार देवांगन, मुकेश साहू, वेद देवांगन आदि मौजूद रहे।
