मृतक किसान के परिजनों से मिले पूर्व संसदीय सचिव

कर्ज की चिंता व फसल सूखने से परेशान किसान ने की थी आत्महत्या
महासमुंद। पूर्व संसदीय सचिव विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने ग्राम सिंघनपुर पहुंचकर किसान पुरण निषाद के परिजनों से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त की। विगत 10 मार्च को किसान ने अपने खेत स्थित एक पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। चंद्राकर ने उनकी पत्नी पंचवती निषाद, पुत्र कुलेश्वर निषाद व टिकेश्वर निषाद को ढांढस बंधाया तथा शासन से शोकाकुल परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा व पुत्र को सरकारी नौकरी देने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिजली कटौती बंद कर लो वोल्टेज समस्या का स्थायी समाधान सरकार को करना चाहिए। जिससे किसान निश्चिंत होकर खेती कर सकें।
चर्चा में यह बात सामने आई कि मृतक पुरण निषाद कर्ज व फसल सूखने से परेशान था। पूरन के पास करीब पौने 3 एकड़ कृषि भूमि है। इसके अलावा रेग पर दो एकड़ जमीन लेकर खेती करता था। उनके नाम पर स्थायी बिजली कनेक्शन भी है। इस बार खेती के लिए पूरन ने ग्रामीण बैंक शाखा झलप से 1.55 लाख रु. का केसीसी लिया था। वहीं, दो लाख रूपए साहूकारों से कर्ज लिया था। पुराने बोर में मोटर पंप फंसने से दूसरा बोर खनन कराकर उसमें मोटर पंप लगाने के लिए कर्ज लिया था। लेकिन, लगातार विद्युत कटौती, लो वोल्टेज के चलते फसल सूख गई। पहले 2 एकड़ फसल नष्ट होने के बाद बाकी बचे खेतों के धान पौधे भी बिजली कटौती व लो वोल्टेज की भेंट चढ़ गई। सूखते फसल को देख किसान काफी चिंतित रहता था। परिवार में कर्ज अदायगी को लेकर हमेशा चिंता जाहिर करता था। कर्ज के बोझ व फसल नष्ट होने के कारण अंतत: उन्होंने आत्महत्या कर ली। पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान श्री चंद्राकर के साथ लेड़गा साहू, आलोक नायक, कमलेश चंद्राकर, हेमंत साहू, अतुल गुप्ता, दिलीप चंद्राकर आदि उपस्थित थे।