धान परिवहन में बिना निविदा मंगाए दर बढ़ाकर किया जा रहा भ्रष्टाचार : विनोद

महासमुंद। पूर्व संसदीय सचिव विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है। धान खरीदी से लेकर परिवहन तक यह सरकार अधीनस्थों के माध्यम से भ्रष्टाचार करने आमादा है। समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान का परिवहन भी सरकारी संरक्षण में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। सरकार के एजेंट के रूप में उच्चाधिकारियों द्वारा कुछ परिवहनकर्ताओं से मिलीभगत कर बिना निविदा बुलाए परिवहन दर दोगुने से भी अधिक बढ़ाकर करोड़ों की हेराफेरी की जा रही है।
चंद्राकर ने कहा कि धान परिवहन में उच्चाधिकारियों द्वारा आर्थिक लाभ लेने भ्रष्टाचार किया जा रहा है। सोसायटी से धान संग्रहण केंद्र तक लाने हेतु परिवहन निविदा मंगाई गई थी। जिस पर परिवहनकर्ताओं ने हिस्सा लिया। अनेक जिलों में 55 प्रतिशत से 60 प्रतिशत दर आई, जिस पर कार्य निरंतर चल रहा था। लेकिन, महासमुंद जिले में कुछ परिवहनकर्ताओं को लाभ पहुंचाने तथा स्वयं आर्थिक लाभ उठाने की नीयत से अधिकारियों ने उक्त दर को बिना निविदा बुलाए लगभग डबल 112 प्रतिशत कर दिया। इससे यह स्पष्ट हो रहा है कि अधिकारी और कुछ परिवहनकर्ताओं द्वारा मिलीभगत कर शासन को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है।
चंद्राकर ने कहा कि धान संग्रहण केंद्रों में इकरारनामा कराकर कार्य कराया जा रहा है। जिससे मजदूरों का ईपीएफ ईएसआई जमा नहीं हो रहे हैं। मजदूरों की भविष्य निधि की राशि की भी हेराफेरी अधिकारियों द्वारा की जा रही है।