शिवालयों में हर-हर महादेव की गूंज

सुबह से शिवालयों में पूजा-अर्चना के लिए लगा भक्तों की भीड़
महासमुंद। महाशिवरात्रि का पर्व भक्ति व उल्लासपूर्वक मनाया जा रहा है। सुबह से ही शिवालयों में भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रहीं। शहर के रूद्र महादेव, सिटी कोतवाली के सर्वेश्वर महादेव, बंधवा तालाब के बंधेश्वर महादेव, गोल बाजार स्थित शिव मंदिर, त्रिमूर्ति कालोनी, रमनटोला सहित सिरपुर के गंधेश्वर महादेव, बम्हनी के बम्हनेश्वर महादेव और कनेकेरा के कनेश्वर मंदिरों में शिव भक्त सुबह से ही परिवार सहित पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते रहे। शिवालयों में ओम नम: शिवाय, श्री शिवाय नमस्तुभ्यं और हर-हर महादेव की गूंज सुनाई देती रही। भक्तों ने घरों में जलाभिषेक व रुद्राभिषेक भी कराया।
बता दें कि हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष महाशिवरात्रि की चतुर्दशी तिथि 26 फरवरी को 11.08 बजे से शुरू होगी, जो 27 फरवरी की सुबह 8.58 बजे समाप्त होगी। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक इस दिन भगवान शिव और देवी पार्वती का विवाह हुआ था, इसीलिए इस दिन को बेहद पवित्र माना गया है। इसीलिए इस दिन को भोलेनाथ के साथ ही मां पार्वती की पूजा-अर्चना का दिन भी माना जाता है। बरोंडा चौक दुर्गा मंदिर के पुजारी पं. हेमंत त्रिवेदी ने बताया कि प्रथम प्रहर की पूजा शाम 06.19 बजे से रात 9.26 बजे तक, दूसरे प्रहर की पूजा रात 9.26 से 12.37 बजे तक तीसरे प्रहर की पूजा 12.37 बजे से सुबह 3.40 बजे तक चौथे प्रहर की पूजा सुबह 3.40 बजे से 6.44 बजे तक होगी। महाशिवरात्रि की पूजा सुबह से देर रात तक होती है। खासकर निशिता काल में पूजा करना शुभ होता है। पंचांग के अनुसार निशिता काल 26 फरवरी को देर रात 12:09 बजे से 12:59 बजे तक रहेगा और निशिता काल की कुल अवधि 50 मिनट रहेगी।
इन स्थानों पर लगा मेला
महाशिवरात्रि पर सिरपुर, दलदली, कनेकेरा और बम्हनी में मेला लगा है। सर्वाधिक भीड़ सिरपुर के गंधेश्वर महादेव और कनेकेरा के कनेश्वर महादेव मंदिर में रही है। यहां पहुंचने वाले भक्तों ने पूजा-अर्चना के साथ ही मेले का आनंद लिया।