सिरपुर को विश्व धरोहर में शामिल करने कवायद शुरू

मार्च में सिरपुर का अवलोकन करने पहुंचेगी यूनेस्को की टीम
महासमुंद। सिरपुर को विश्व धरोहर की सूची में शामिल करने लंबे समय से मांग उठ रही है। सिरपुर विकास प्राधिकरण ने एएसआई को सिरपुर के ऐतिहासिक महत्व, सुरक्षा व संरक्षण की विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है। जिसके बाद जल्द ही यूनेस्को की टीम सिरपुर पहुंचेगी और सिरपुर क्षेत्र का अवलोकन करेगी। टीम के इस दौरे के बाद एक बार फिर जिले की पुरातत्व नगरी सिरपुर का विश्व धरोहर में शामिल होने की उम्मीद बढ़ गई है।
बता दें कि सिरपुर को विश्व धरोहर बनाने के लिए नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। यूनेस्को टीम के दौरे के बाद नामांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। यूनेस्को की सूची में शामिल होने से सिरपुर को विश्व में पहचान मिलेगी और पर्यटन भी बढ़ेगा। क्षेत्र का विकास होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। देश-विदेश से लोग पहुंचेंगे। यहां 34 गांवों को विकसित करने का प्लान बनाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि जिला मुख्यालय से 42 किमी दूर सिरपुर में ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के कई पुरावशेष है। इनमें श्री लक्ष्मण मंदिर, सुरंग टीला, बौद्ध विहार आदि स्थल हैं। सिरपुर को 2014 से विश्व धरोहर बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। नामांकन की प्रक्रिया पूर्ण हो जाने के बाद सिरपुर के मास्टर प्लान पर भी कार्य करने की योजना बनाई गई है। इसमें 34 गांव आते हैं। सिरपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ राजेंद्र राव ने बताया कि नामांकन के लिए रिपोर्ट एएसआई को सौंप दी गई है। मार्च में यूनेस्को की टीम दस्तक दे सकती है।
सिरपुर के विकास की आवश्यकता
सिरपुर क्षेत्र में बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक आते हैं और पुरातत्व महत्व के स्थलों को निहारते हैं। क्षेत्र में विकास की संभावनाएं विद्यमान हैं। इस ओर सरकार को भी ध्यान देने की जरूरत है। आस-पास के होटल और मोटलों का उपयोग विभिन्न कार्यों के लिए हो रहा है। ज्यादातर पर्यटक एक दिन के लिए ही यहां पहुंचते हैं और चले जाते हैं। आस-पास के स्थलों का विकास भी जरूरी है। लोग यहां अपने-अपने संसाधनों से पहुंचते हैं। बसें भी निर्धारित समय पर ही चलती हैं।
भारत में कुल 43 विश्व धरोहर
विश्व धरोहर स्थल सांस्कृतिक या प्राकृतिक व पुरातात्विक महत्व वाले स्थान हैं, जिन्हें विश्व धरोहर की सूची में यूनेस्को ने शामिल किया हुआ है। विश्व विरासत स्थल समिति द्वारा चयनित किए जाते हैं। यही समिति इन स्थलों की देखरेख यूनेस्को के तत्वावधान में करती है। इन स्थलों को आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका संरक्षण किया जाता है। भारत में वर्तमान में कुल 43 विश्व धरोहर हैं। इनमें 35 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक, एक मिश्रित स्थल हैं।